कोण्डागांव Kondagaon news जिले के फरसगांव ब्लॉक के ग्राम पंचायत बड़ेडोंगर में इस बार नवरात्रि पर्व कुछ खास रहा। मां दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में आयोजित मेले में जब ग्रामीण श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे तो उन्हें एक और अनोखा नज़ारा देखने को मिला। यहां स्व-सहायता समूह (Self Help Groups) की महिलाएं, जिन्हें सभी प्यार से “दीदी” कहते हैं, अपनी दुकानों में पूजा सामग्री और धार्मिक वस्तुएं बेच रही थीं।
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दरअसल, नवरात्रि जैसे बड़े धार्मिक अवसर पर आमतौर पर दुकानदार बाहर से आकर सामान बेचते हैं। लेकिन इस बार बड़ेडोंगर की महिलाओं ने खुद अपनी मेहनत और लगन से दुकानें सजाईं और आर्थिक आत्मनिर्भरता की एक मिसाल कायम कर दी।
मेले में तीन समूहों ने मिलकर सजाई दुकानें
नवरात्रि पर्व के दौरान मां पार्वती समूह की श्रीमती बिमला पुजारी, भैरव समूह की श्रीमती आयशा बानो और महादेव समूह की श्रीमती रसीता यादव ने अपनी-अपनी दुकानों की जिम्मेदारी संभाली। इन दुकानों पर नारियल, अगरबत्ती, सिंदूर, दीपक, माला, फूल, चुनरी और देवी पूजन से जुड़ी कई सामग्री उपलब्ध कराई गई। Kondagaon news
श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन करने के साथ-साथ दीदियों की दुकानों से जमकर खरीदारी की। महिलाओं की मेहनत और विश्वास का ही नतीजा रहा कि सिर्फ आठ दिनों में लगभग 48 हजार से 55 हजार रुपये तक की बिक्री हुई। इस बिक्री से 17 हजार से 19 हजार रुपये तक का लाभ अर्जित किया गया। Kondagaon news
ग्रामीण महिलाओं की बदली तकदीर
यह पहल न सिर्फ दीदियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली रही, बल्कि पूरे गांव के लिए प्रेरणा बन गई। अब तक जो महिलाएं घर की चारदीवारी तक सीमित रहती थीं, वे अब समाज के बीच खड़ी होकर अपने हुनर और मेहनत से कमाई कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुधर रही है और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई से लेकर घर की जरूरतें पूरी हो पा रही हैं।
मंदिर प्रांगण में दुकानों के जरिए कमाई करने वाली बिमला पुजारी ने मुस्कुराते हुए कहा – “पहले हमें लगता था कि व्यापार हमारे बस की बात नहीं, लेकिन इस बार जो आत्मविश्वास मिला है, उससे आगे भी हम ऐसे मौके तलाशेंगे।”
बिहान मिशन से मिली प्रेरणा
यह पूरी पहल राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) – बिहान के अंतर्गत हुई है। बिहान का मकसद ही है कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना। Kondagaon news
जिला मिशन प्रबंधक श्री विनय सिंह और क्लस्टर पीआरपी सुश्री सागर सेटी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिलाओं की मेहनत की सराहना की और उन्हें आगे भी इसी तरह आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों ने साफ कहा कि “अगर गांव की महिलाएं इसी तरह उत्साह और समर्पण के साथ काम करती रहीं, तो आने वाले समय में वे न सिर्फ खुद को, बल्कि पूरे समाज को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएंगी।” Kondagaon news
नवरात्रि पर मिला सुनहरा अवसर
शारदीय नवरात्रि का पर्व आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है। इन नौ दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। इसी भीड़ को दीदियों ने अपने लिए अवसर में बदल दिया। Kondagaon news
साधारण महिलाएं, जो अब तक केवल खरीदार बनी रहती थीं, इस बार खुद “विक्रेता” बनीं। यह बदलाव न केवल आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक कहानी भी है। Kondagaon news
भविष्य के लिए नई राह
मेले से हुई कमाई ने महिलाओं का हौसला बढ़ाया है। अब वे सोच रही हैं कि आने वाले त्योहारों जैसे दीपावली, मकर संक्रांति या होली पर भी इसी तरह स्टॉल लगाएं। इससे न केवल उन्हें नियमित आय का स्रोत मिलेगा बल्कि वे बड़े बाजारों तक भी अपनी पहचान बना सकेंगी। Kondagaon news
गांव की महिलाओं के इस प्रयास से यह साबित हो गया है कि अगर अवसर और सही मार्गदर्शन मिले तो ग्रामीण महिलाएं भी किसी से पीछे नहीं। वे घर संभालने के साथ-साथ समाज और बाजार में भी अपनी भूमिका निभा सकती हैं। Kondagaon news
बड़ेडोंगर की दीदियों ने नवरात्रि मेले में दुकानें लगाकर यह दिखा दिया कि आत्मनिर्भरता का रास्ता मेहनत और विश्वास से ही खुलता है। यह पहल न केवल एक धार्मिक आयोजन की सफलता थी, बल्कि महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता की ओर बढ़ता बड़ा कदम भी था। Kondagaon news
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