रविशंकर सोनी पवई । Success in NEET UG कहते हैं कि अगर मेहनत सच्चे मन से की जाए तो कोई भी मंज़िल पाना नामुमकिन नहीं होता। इस कहावत को सच कर दिखाया है नगर के वार्ड क्रमांक 12 गांधी चौक निवासी प्रणय सोनी ने। प्रणय ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG 2025) परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 478 अंक प्राप्त किए हैं। उनकी ऑल इंडिया रैंक 79,481 और मध्य प्रदेश रैंक 2009 रही। इस उपलब्धि से न सिर्फ उनका परिवार, बल्कि पूरा क्षेत्र गर्व महसूस कर रहा है।
सफलता का सफर
प्रणय, नरेंद्र सोनी (बल्लू) और रेखा सोनी के दूसरे पुत्र हैं। बीते दो वर्षों से वे इंदौर के राइबोसोम इंस्टीट्यूट में लगातार मेहनत कर रहे थे। कठिन परिश्रम और नियमित अभ्यास के बल पर उन्होंने नीट जैसी कठिन परीक्षा में सफलता पाई। दिन-रात पढ़ाई में डटे रहकर प्रणय ने यह साबित कर दिया कि लगन और धैर्य से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
मेडिकल कॉलेज में दाखिला
प्रणय की मेहनत रंग लाई और एमसीसी (MCC) की काउंसलिंग के पहले ही चरण में उन्हें LNCT मेडिकल कॉलेज एवं सेवाकुंज अस्पताल, इंदौर में MBBS कोर्स में प्रवेश मिल गया। यह उनके लिए और पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण है।
प्रणय की भावनाएं
अपनी सफलता पर खुशी जताते हुए प्रणय ने कहा –
“मेरी इस उपलब्धि के पीछे मेरे माता-पिता, शिक्षकों और मेरी खुद की मेहनत का बहुत बड़ा योगदान है। मेरा सपना डॉक्टर बनकर जरूरतमंद लोगों की सेवा करना है।”
उनके इस संकल्प ने उन्हें न केवल अपने नगर का गौरव बढ़ाने वाला बनाया है, बल्कि वे अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बन गए हैं।
परिवार का सहयोग
प्रणय के पिता गांधी चौक पर जनरल स्टोर चलाते हैं, जबकि मां रेखा सोनी एक ब्यूटीशियन हैं। परिवार के सहयोग और प्रोत्साहन ने प्रणय को इस मुकाम तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई। उनका बड़ा भाई भी इंदौर में रहकर MPPSC परीक्षा की तैयारी कर रहा है। यह परिवार शिक्षा और मेहनत के बल पर समाज में अपनी पहचान बना रहा है।
नगर में खुशी का माहौल
प्रणय की सफलता से पूरे नगर और क्षेत्र में खुशी की लहर है। लोग उन्हें बधाई देने उनके घर पहुंच रहे हैं। मोहल्ले और रिश्तेदारों में भी गर्व का माहौल है। यह सफलता अन्य युवाओं को भी मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करने की प्रेरणा दे रही है।
प्रेरणा का स्रोत बने प्रणय
नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता आसान नहीं होती, लेकिन प्रणय ने यह दिखा दिया कि लगन, नियमित पढ़ाई और आत्मविश्वास से कोई भी लक्ष्य पाया जा सकता है। उनकी उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा का काम करेगी।
पवई नगर के इस युवा ने साबित कर दिया है कि छोटे कस्बों से भी बड़ी कामयाबियां हासिल की जा सकती हैं, बशर्ते मेहनत ईमानदारी से की जाए। प्रणय की यह सफलता सिर्फ उनके परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए गर्व की बात है।