हरियाली को समर्पित एक अनूठा और प्रेरणादायी आयोजन देखने को मिला मध्यप्रदेश के ओबेदुल्लागंज विकासखंड अंतर्गत मंडीदीप नगर में, जहां मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की नवांकुर संस्था और नगर विकास प्रस्फुटन समितियों के सहयोग से 151 महिलाओं ने हरियाली का संदेश लेकर एक भव्य यात्रा निकाली और 1100 पौधों का वितरण एवं पौधरोपण किया।
इस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि हर नवांकुर सखी को एक थैला दिया गया, जिसमें नव विकसित पौधे थे। साथ ही यात्रा की शुरुआत नगरपालिका सामुदायिक भवन से शिव मंदिर तक हुई, जिसे ‘हरियाली यात्रा’ नाम दिया गया। हर महिला को पहचान पत्र के साथ पौधे सौंपे गए और उन्हें पौधरोपण एवं देखरेख का संकल्प भी दिलाया गया।
हरियाली उत्सव में नृत्य-संगीत की भी रही धूम
यात्रा और पौध वितरण के बाद ल्यूपिन पार्क में सामूहिक रूप से पौधरोपण किया गया। इस अवसर को महिलाओं ने सिर्फ औपचारिकता तक सीमित नहीं रखा, बल्कि गीत, संगीत और पारंपरिक नृत्य के साथ इसे एक उत्सव का रूप दिया।
यह दृश्य न केवल पर्यावरण प्रेम को दर्शाता है, बल्कि महिला सहभागिता की सशक्त तस्वीर भी सामने लाता है।
मुख्य अतिथि और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में अनेक जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के सदस्य मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि के रूप में रहे:
राजेन्द्र अग्रवाल (पूर्व जिला अध्यक्ष, भाजपा)
जीवन पाल (अध्यक्ष, सेवा समिति)
विनोद जैन (अध्यक्ष, नेमि रतन परमार्थिक समिति)
प्रशांत जैन (सीएमओ)
रणजीत सराठे (थाना प्रभारी)
इसके अलावा जन अभियान परिषद से
कल्याण सिंह राजपूत (जिला समन्वयक)
निशा बहेकार (ब्लॉक समन्वयक)
सहित अनेक कार्यकर्ता और अधिकारी मौजूद रहे।
महिला नेतृत्व की भूमिका रही उल्लेखनीय
भाजपा महिला मोर्चा और अन्य संगठनों की महिला पदाधिकारियों ने भी इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
पूजा मिश्रा (जिला मंत्री, भाजपा)
प्रार्थना चौहान (जिला महामंत्री)
रेखा पाल (मंडल अध्यक्ष, महिला मोर्चा)
निर्मला राजपूत, रितिका जैन, प्रियंका गौर, अल्का उमंग आदि पार्षद एवं सामाजिक कार्यकर्ता भी उपस्थित रहीं।
सभी ने इस अभियान को समाज और पर्यावरण हित में जरूरी कदम बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजन जारी रखने की बात कही।
समापन पर आभार प्रदर्शन
कार्यक्रम के अंत में सेक्टर प्रभारी वीर सिंह चौहान ने सभी अतिथियों, नवांकुर सखियों और सहयोगी समितियों का आभार प्रकट किया और यह भरोसा दिलाया कि जन अभियान परिषद द्वारा पर्यावरण और सामाजिक चेतना के लिए ऐसे प्रयास लगातार जारी रहेंगे।
यह पहल क्यों है खास?
महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण का शानदार संगम
पौधरोपण के साथ उसका पालन-पोषण करने का भी संकल्प
स्थानीय नेतृत्व और आम जनता की भागीदारी
सामुदायिक भवन से शिव मंदिर तक हरियाली यात्रा से जनजागरूकता
गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से हरियाली को उत्सव का रूप देना