रायसेन। (Raisen Film Shooting) मध्यप्रदेश का ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल जामगढ़ अब अंतरराष्ट्रीय पहचान की ओर कदम बढ़ा चुका है। जिले के बरेली तहसील क्षेत्र में स्थित जामगढ़ में गुरुवार को एक शॉर्ट फिल्म की शूटिंग होने जा रही है, जो खजुराहो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (KIFF) के लिए बनाई जा रही है। यह फिल्म जामगढ़ की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को दुनिया के सामने लाने का प्रयास करेगी।
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यह वही जामगढ़ है, जिसे भगवान श्रीकृष्ण की ससुराल के रूप में जाना जाता है। हाल ही में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने भी मंच से घोषणा की थी कि जामगढ़ को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई जाएगी। इस फिल्म की शूटिंग को उसी दिशा में उठाया गया एक अहम कदम माना जा रहा है। (Raisen Film Shooting)
जामगढ़ क्यों है खास
जामगढ़ की सबसे बड़ी विशेषता इसकी जामवंत गुफा है, जिसे श्रीकृष्ण की ससुराल के रूप में आधिकारिक मान्यता मिली हुई है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहीं पर श्रीकृष्ण और जामवंत के बीच स्यमंतक मणि को लेकर 27 दिनों तक युद्ध चला था। (Raisen Film Shooting)
कहा जाता है कि युद्ध के अंत में जामवंत को श्रीकृष्ण के भगवद स्वरूप का बोध हुआ। तब उन्होंने श्रीकृष्ण को स्यमंतक मणि के साथ अपनी पुत्री जामवंती का विवाह भी करा दिया। तभी से जामगढ़ को श्रीकृष्ण की ससुराल के रूप में पूजा और श्रद्धा के भाव से देखा जाता है।
यह पौराणिक स्थल न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यहां की प्राकृतिक सुंदरता, पुरातात्विक अवशेष और गुफाएं इसे एक आकर्षक पर्यटन स्थल बनाते हैं। अब फिल्म के जरिए यह स्थल धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन की दिशा में नई पहचान बनाने जा रहा है।
खजुराहो फिल्म फेस्टिवल में होगी फिल्म की स्क्रीनिंग
फिल्म निर्देशक सुनील सोन्हिया, जो इस परियोजना के साथ जुड़े हैं और मध्यप्रदेश प्रभारी भी हैं, ने बताया कि जामगढ़ पर बन रही यह शॉर्ट फिल्म खजुराहो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित की जाएगी। (Raisen Film Shooting)
उन्होंने बताया कि यह फेस्टिवल 16 से 22 दिसंबर 2025 तक चलेगा, जिसमें देश और विदेश के नामी कलाकार, फिल्म निर्माता, निर्देशक और मीडिया प्रतिनिधि शामिल होंगे। खजुराहो जैसे विश्वप्रसिद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल पर जामगढ़ की फिल्म का प्रदर्शन होना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। (Raisen Film Shooting)
फिल्म का उद्देश्य जामगढ़ की धार्मिक और पौराणिक महत्ता को आधुनिक सिनेमा के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। इसके जरिए लोगों को यह संदेश दिया जाएगा कि हमारे छोटे-छोटे ग्रामीण स्थल भी इतिहास और संस्कृति के बड़े केंद्र हैं। (Raisen Film Shooting)
स्थानीय लोगों में उत्साह
फिल्म की शूटिंग को लेकर जामगढ़ और आसपास के गांवों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहला मौका है जब उनके क्षेत्र की कहानी बड़े पर्दे पर दिखाई जाएगी। कई स्थानीय कलाकार भी इस फिल्म का हिस्सा बन सकते हैं, जिससे उन्हें मंच और पहचान मिलेगी। (Raisen Film Shooting)
स्थानीय प्रशासन ने भी शूटिंग के लिए पूरी तैयारी कर ली है। सुरक्षा और व्यवस्था के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करने की बात कही गई है। बताया जा रहा है कि शूटिंग के दौरान क्षेत्र के ऐतिहासिक स्थलों, गुफाओं और धार्मिक स्थलों को खूबसूरत तरीके से कैमरे में कैद किया जाएगा। (Raisen Film Shooting)
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संस्कृति और सिनेमा का संगम
यह कदम मध्यप्रदेश की समृद्ध संस्कृति, पुरातत्व और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल मानी जा रही है। जामगढ़ जैसे धार्मिक स्थलों को फिल्म के माध्यम से पहचान दिलाना न केवल श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा बल्कि विदेशी पर्यटकों के लिए भी यह स्थान केंद्र बिंदु बन सकता है। (Raisen Film Shooting)
श्रीकृष्ण की ससुराल के रूप में जानी जाने वाली जामवंत गुफा की कहानी अब सिल्वर स्क्रीन पर दिखेगी तो इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बल मिलेगा बल्कि रायसेन जिले का नाम भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमकेगा। (Raisen Film Shooting)
आने वाले समय में इस तरह की और भी फिल्में प्रदेश के अन्य पौराणिक स्थलों पर बनने की उम्मीद है, जिससे मध्यप्रदेश का सांस्कृतिक गौरव और भी मजबूत होगा। (Raisen Film Shooting)