RAISEN के देवरी क्षेत्र के पड़रई कला गांव में बिजली विभाग की घोर लापरवाही का एक दुखद नतीजा सामने आया है। एक मजदूर की खेत में काम करते हुए बिजली के तारों की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने पूरे गांव में आक्रोश और गम का माहौल बना दिया है, और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। (Laborer dies due to electric shock in MP)
खेत में काम कर रहे मजदूर की हुई दर्दनाक मौत
यह हादसा उस वक्त हुआ जब राकेश अहिरवार नाम का एक मजदूर, खेत मालिक सूरज साहू के खेत में धान में खाद डालने का काम कर रहा था। सूरज साहू ने बताया कि राकेश दैनिक मजदूरी पर उनके खेत में आया था। खाद डालते समय अचानक उसका हाथ अटल ज्योति के बिजली के तारों से छू गया, जो खेत से होकर गुजर रहे थे। बिजली का जोरदार झटका लगते ही राकेश को तुरंत करंट लगा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
यह खबर जैसे ही गांव में फैली, ग्रामीण इकट्ठा हो गए और तुरंत देवरी पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची, पंचनामा बनाया और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए उदयपुरा भिजवाया। इस घटना ने एक बार फिर बिजली विभाग की उस लापरवाही को उजागर कर दिया है, जिसकी शिकायत ग्रामीण लंबे समय से करते आ रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप: बिजली विभाग ने नहीं सुनी शिकायतें
पड़रई कला के समस्त ग्राम वासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग को गांव में लटकते और खतरनाक बिजली के तारों के बारे में आगाह किया था। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने बिजली विभाग को सूचित किया था कि ये तार कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं, लेकिन उनकी एक न सुनी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद न तो तारों को ऊंचा किया गया और न ही उनकी मरम्मत की गई, जिसके कारण आज यह दुखद घटना हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाएं आए दिन होती रहती हैं, लेकिन विभाग कोई संज्ञान नहीं ले रहा है।
जेई नीरज श्रीवास्तव का बयान: “जांच करवाऊंगा, दोषियों पर होगी कार्रवाई”
जब इस मामले को लेकर देवरी के जेई (जूनियर इंजीनियर) नीरज श्रीवास्तव से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आपके माध्यम से आया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे इस पूरे मामले की जांच करवाएंगे और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नीरज श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि जहां भी बिजली के तार लटक रहे हैं और उनसे खतरा है, उन्हें ऊंचा करवाया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना दोबारा न हो।
हालांकि, जेई का यह आश्वासन ग्रामीणों के गुस्से को शांत करने में शायद ही काफी हो। सवाल यह है कि क्या बिजली विभाग केवल हादसों के बाद ही जागेगा? क्या उन्हें ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए था, जब वे बार-बार संभावित खतरे की ओर इशारा कर रहे थे?
इस दुखद घटना ने न केवल राकेश अहिरवार के परिवार को तबाह कर दिया है, बल्कि पड़रई कला गांव में भी सुरक्षा को लेकर एक बड़ा डर पैदा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या बिजली विभाग अपने आश्वासनों पर खरा उतरता है और गांव में बिजली के तारों की समस्या को स्थायी रूप से हल करता है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। सरकार और संबंधित अधिकारियों को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोपरि हो।