Silvani लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से तहसील क्षेत्र के नीगरी गांव में हालात बेकाबू हो गए हैं। भारी वर्षा के चलते गांव के कई मकानों में पानी भर गया, जिससे ग्रामीणों का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। घरों का घरेलू सामान, अनाज और पहनने के कपड़े तक पानी में बह गए। हालात की गंभीरता को देखते हुए पूर्व मंत्री रामपाल सिंह के निर्देश पर पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष विजय शुक्ला ने नीगरी गांव पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों की स्थिति का जायजा लिया।
गांव पहुंचकर जब शुक्ला ने चारों ओर तबाही का मंजर देखा तो वे भावुक हो उठे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार और संगठन इस संकट की घड़ी में हर पीड़ित के साथ मजबूती से खड़ा है। जल्द ही सभी जरूरतमंदों तक सरकारी सहायता और मुआवजा पहुंचाया जाएगा।
गांव में भरे पानी से जनजीवन ठप
नीगरी गांव में लगातार बारिश के कारण नालियां और तालाब ओवरफ्लो हो गए हैं, जिससे गांव के घरों में पानी घुस गया है। कई कच्चे मकान ढह गए हैं और पक्के मकानों में भी दीवारें नम होकर गिरने की स्थिति में आ चुकी हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोगों का जरूरी सामान पूरी तरह नष्ट हो चुका है। बच्चों की किताबें, कपड़े, राशन और बर्तन तक बारिश के पानी में बह गए।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी तबाही उन्होंने सालों बाद देखी है। बाढ़ के चलते लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। गांव की गलियों में कीचड़ और पानी भरा हुआ है, जिससे बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है।
शुक्ला ने खुद देखी तबाही, हर परिवार से की मुलाकात
पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष विजय शुक्ला जब गांव पहुंचे तो उन्होंने हर प्रभावित घर का दौरा किया। पानी में भीग चुके अनाज और बर्बाद हुए घरों को देखकर वे भावुक हो गए। उन्होंने पीड़ितों से कहा कि आप लोग अकेले नहीं हैं, पार्टी और प्रशासन दोनों आपके साथ हैं। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी तत्काल जरूरतों की जानकारी ली और उन्हें राहत शिविरों की सुविधाओं का लाभ लेने की सलाह दी। शुक्ला ने वहां की स्थिति की जानकारी पूर्व मंत्री रामपाल सिंह को दी और प्रशासन को शीघ्र सहायता पहुंचाने की सिफारिश भी की। उन्होंने आश्वासन दिया कि एक-एक नुकसान का सर्वे कराया जाएगा और संबंधित विभागों से मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
पूर्व मंत्री रामपाल सिंह ने भी जताई चिंता
इस बीच, पूर्व मंत्री रामपाल सिंह ने भी बाढ़ प्रभावितों के प्रति चिंता जताते हुए एक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं। राहत कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं और किसी भी व्यक्ति को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। सिंह ने कहा कि गांवों में राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां भोजन, पानी, दवाइयां और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को लगातार क्षेत्रों में निगरानी के लिए लगाया गया है ताकि राहत कार्यों में कोई देरी न हो। उन्होंने पीड़ितों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि हर घर तक मदद पहुंचाई जाएगी।
प्रशासन से भी की गई मदद की मांग
गांववासियों ने प्रशासन से तत्काल राहत की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में सबसे बड़ी जरूरत है – भोजन, स्वच्छ पानी, दवाइयां और रहने की सुरक्षित जगह। कई परिवार अब भी जलभराव वाले मकानों में रहने को मजबूर हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर असर पड़ रहा है। वहीं कुछ गांववाले अब राहत शिविरों में शरण ले चुके हैं, जहां अभी सीमित संसाधनों से उनका जीवन चल रहा है। स्थानीय प्रशासन ने भी स्थिति को देखते हुए मेडिकल टीम और सफाई कर्मचारियों को अलर्ट पर रखा है।
भाजपा कार्यकर्ता भी कर रहे सहयोग
नीगरी गांव की इस आपदा में भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ता भी सक्रिय हैं। वे जरूरतमंद परिवारों को सूखा राशन, पीने का पानी और दवाइयां पहुंचाने में मदद कर रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ता प्रशासन के साथ मिलकर राहत शिविरों की व्यवस्था में भी योगदान दे रहे हैं।
क्या कहते हैं ग्रामीण?
गांव के निवासी राजेश पटेल ने कहा, “इतनी बारिश और तबाही पहले कभी नहीं देखी। हमारे घर का सारा सामान बह गया। अब रहने और खाने की दिक्कत है।” वहीं एक अन्य ग्रामीण महिला कमला बाई ने कहा, “हम गरीब लोग हैं। हमारे पास दो जोड़ी कपड़े थे, वो भी पानी में चले गए। सरकार से गुजारिश है कि हमें जल्द राहत दिलाई जाए।”