Raisen । देवरी क्षेत्र में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश के चलते कई गांवों का संपर्क मुख्यालय देवरी से पूरी तरह टूट गया है, जिससे लोगों को आने-जाने और ज़रूरी कामों के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गांवों का टूटा संपर्क, मरीज को ट्रैक्टर से पार कराया नाला
बारिश का असर इतना व्यापक है कि ग्राम रामपुर के रामनारायण लोधी की अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें ट्रैक्टर की मदद से रोहिया नाला पार कर अस्पताल ले जाना पड़ा। सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं, और नाले-नदियों में उफान के कारण लोग फंसे हुए हैं।
देवरी से जिन गांवों का संपर्क टूटा है उनमें मुख्य रूप से:
रम्पुरा
रिछावर
नयाखेड़ा
केकड़ा
मोथागांव
टिमरावन
सारंगपुर आदि शामिल हैं।
इन गांवों के लोग अब आसपास के सुरक्षित ठिकानों पर रुकने को मजबूर हैं।
नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट मोड पर
बारिश का असर सिर्फ गांवों तक सीमित नहीं है। नर्मदा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों के लोगों को खतरा महसूस होने लगा है। प्रशासन की ओर से निगरानी तेज कर दी गई है और संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में सतर्कता बरती जा रही है।
देवरी तहसीलदार चंचल जैन ने जानकारी दी कि
“हमारी टीमों को जैसे ही सूचना मिलती है, मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। ग्रामीण भी एक-दूसरे को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में मदद कर रहे हैं।”
स्कूलों में छुट्टी घोषित, छात्रावास में पानी भरने से बच्चे परेशान
भारी बारिश और जलभराव को देखते हुए जिला कलेक्टर ने सभी शासकीय स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। देवरी छात्रावास में पानी भर गया है, जिससे वहां रहने वाले बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नगर परिषद की ओर से पानी निकासी का काम शुरू किया गया है, लेकिन हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सके हैं।
अगले 24 घंटे भी भारी, मौसम विभाग का अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने रायसेन जिले में अगले 24 घंटों के दौरान और अधिक बारिश की चेतावनी जारी की है। ऐसे में जनजीवन और अधिक प्रभावित हो सकता है। प्रशासन की ओर से लोगों को अलर्ट किया गया है कि वे असुरक्षित क्षेत्रों से दूर रहें और जरूरी न हो तो यात्रा न करें।
प्रशासन की अपील: संयम रखें, सहयोग करें
प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करें। राहत और बचाव कार्यों में सहयोग करें। स्थानीय जनप्रतिनिधि भी अपने-अपने क्षेत्र में निगरानी कर रहे हैं और ज़रूरतमंदों की मदद की जा रही है।