सिलवानी, मध्य प्रदेश: गणेशोत्सव और रक्षाबंधन का त्योहार नज़दीक आ रहा है. बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है और सिलवानी के कलाकार, साथ ही बाहर से आए कारीगर भी, गणेश प्रतिमाएँ बनाने में जुट गए हैं. भव्य और सुंदर प्रतिमाएँ अपने निजी भवनों में तैयार हो रही हैं. यह सब तो अच्छी बात है, लेकिन एक बड़ी चिंता यह है कि त्योहारी सीज़न में लगने वाले जाम से निपटने के लिए प्रशासन ने अब तक कोई तैयारी नहीं की है.
सड़कों पर पसरा सामान, चौड़ी सड़कें बनीं गलियाँ!
सिलवानी के बाजारों में सबसे बड़ी समस्या है यातायात प्रबंधन की कमी. जैसे ही त्योहार आते हैं, दुकानें सड़क तक सज जाती हैं और अस्थाई रूप से लगने वाली दुकानें भी सड़कों पर अतिक्रमण कर लेती हैं. इसका सीधा नतीजा होता है कि यातायात बुरी तरह बाधित हो जाता है, और पल-पल पर जाम लगना आम बात हो जाती है. इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है उन ग्राहकों को जो खरीदारी के लिए बाजार आते हैं.
दुकानदार अपनी तय सीमा से कहीं आगे, सड़कों तक अपना सामान फैला देते हैं. इससे बाजार की चौड़ी-चौड़ी सड़कें भी छोटी गलियों में बदल जाती हैं. ज़रा सोचिए, अगर ऐसे में कोई चार-पहिया वाहन गलती से इन सड़कों पर आ जाए, तो पल भर में भीषण जाम लग जाता है और वाहनों के हॉर्न से पूरा इलाका गूँज उठता है. ये रोज़ का सिरदर्द बन चुका है.
जाम से निपटने के लिए क्या हैं उपाय?
आम जनता को इस परेशानी से राहत दिलाने के लिए कुछ कड़े कदम उठाना बेहद ज़रूरी है. इसके लिए नगर परिषद और पुलिस को मिलकर काम करना होगा.
भारी वाहनों पर रोक: रक्षाबंधन जैसे त्योहारों के दौरान बाजार क्षेत्र में भारी वाहनों के प्रवेश पर सख्ती से रोक लगानी चाहिए. ये वाहन जाम को और बढ़ाते हैं.
आवारा मवेशियों पर प्रतिबंध: बाजार क्षेत्र में आवारा मवेशियों का घूमना भी जाम का एक बड़ा कारण है. इन पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए. जब तक ये दोनों चीज़ें नियंत्रित नहीं होंगी, ग्राहक बेफिक्र होकर खरीदारी नहीं कर पाएंगे.
खासकर बस स्टैंड से गांधी चबूतरा तक का रास्ता जाम से सबसे ज़्यादा जूझता है, क्योंकि शहर और गाँव, दोनों ही जगहों से बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए यहीं आते हैं.
क्या इस बार प्रशासन करेगा तैयारी?
पिछले अनुभवों को देखते हुए, यह सवाल उठना लाज़मी है कि क्या इस बार जिला प्रशासन और नगर परिषद मिलकर त्योहारी सीज़न के लिए कोई ठोस योजना बनाएंगे? क्या वे व्यापारियों से अतिक्रमण हटाने और अपनी सीमा में रहने का आग्रह करेंगे? क्या पुलिस यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए अतिरिक्त बल लगाएगी?
लोगों को उम्मीद है कि इस बार उन्हें जाम में फँसकर अपने त्योहार की खुशी बर्बाद नहीं करनी पड़ेगी. प्रशासन को चाहिए कि वे गणेशोत्सव और रक्षाबंधन से पहले ही ज़रूरी इंतजाम कर लें, ताकि सिलवानी के बाजार ग्राहकों के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित बन सकें. वरना, हर साल की तरह इस बार भी सड़कों पर सामान फैला रहेगा और जाम लोगों की परेशानी का सबब बनेगा.