सिलवानी
सावन का पावन महीना शिवभक्तों के लिए बेहद खास होता है। इसी कड़ी में द्वितीय सावन सोमवार को पूरे अंचल में भगवान शिव की भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं ने भव्य आयोजन किए। ग्राम चंद्रपुरा में सामाजिक कार्यकर्ता और युवा नेता जयदीप पटेल के नेतृत्व में बाबा बर्फानी का महाभिषेक कार्यक्रम बड़े श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।
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यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर अपनी आस्था प्रकट की। सोमवार को सुबह से ही शिव मंदिरों में “बम बम भोले” के जयकारों की गूंज सुनाई देने लगी।
कांवड़ यात्रा से शुरू हुई श्रद्धा की डगर
इस आयोजन की शुरुआत रविवार को नर्मदा तट बौरास से निकाली गई कांवड़ यात्रा से हुई। सैकड़ों श्रद्धालु कांवड़ लेकर नर्मदा तट पहुंचे और पवित्र नर्मदा जल भरकर पैदल यात्रा करते हुए चंद्रपुरा गांव पहुंचे। यह यात्रा शिवभक्तों के उत्साह और समर्पण की मिसाल बन गई।
सोमवार को इसी नर्मदा जल से बाबा बर्फानी का महामस्तिकाभिषेक किया गया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं ने दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से बना पंचामृत भी भगवान शिव को अर्पित किया।
पूरे विधि-विधान से हुआ अनुष्ठान
पूजा-अर्चना और अभिषेक का कार्यक्रम बेहद भक्तिभाव से संपन्न हुआ। अनुष्ठान में पंडित मनोज शास्त्री ने वेद मंत्रों और शिव स्तुति के साथ पूजा विधियों को संपन्न कराया। श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन कर पुण्य लाभ लिया और पूरे वातावरण में भक्ति की ऊर्जा महसूस की जा सकती थी।
भक्तों ने शिव की भक्ति में डूबकर जलाभिषेक किया, आरती की और ओम् नम: शिवाय का जाप करते रहे। हर तरफ शिव भक्ति की लहर बह रही थी।
आयोजक जयदीप पटेल हर साल कराते हैं आयोजन
इस भव्य आयोजन के पीछे मुख्य भूमिका निभाने वाले जयदीप पटेल ने बताया कि वे हर साल सावन के महीने में इस तरह के आयोजन करते हैं ताकि युवाओं और ग्रामीणों में धार्मिक जागरूकता बनी रहे और समाज में सामूहिक सहभागिता को बल मिले।
उन्होंने कहा कि बाबा बर्फानी का आशीर्वाद लेने और जनसेवा की भावना से वे यह आयोजन करते हैं। कार्यक्रम के समापन पर उन्होंने सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
भक्ति, आस्था और सामाजिक एकता का संगम
इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि श्रद्धा और भक्ति के साथ जब सामाजिक सहभागिता जुड़ती है तो उसका असर गहरा और सकारात्मक होता है। न सिर्फ चंद्रपुरा बल्कि आसपास के गांवों के लोग भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए और शिवभक्ति में सराबोर हो गए।
पूरे दिन शिवालयों में घंटे-घड़ियाल बजते रहे, पूजा-पाठ और भंडारे के माध्यम से धार्मिक वातावरण बना रहा।