देवरी क्षेत्र में इन दिनों बिजली की अनियमित आपूर्ति किसानों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। धान की रोपाई के इस अहम समय में बिजली की बार-बार कटौती से सिंचाई का काम रुक गया है, जिससे किसानों में नाराज़गी बढ़ रही है। इसी को लेकर शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी बिजली विभाग पहुंचे और अधिकारियों से इस संकट को लेकर चर्चा की।
बैठक दोपहर 12 बजे बिजली विभाग कार्यालय में हुई, जहां यूनियन पदाधिकारियों ने जेईई नीरज श्रीवास्तव से मुलाकात कर क्षेत्र की गंभीर समस्या से अवगत कराया। किसानों ने बताया कि रोज़ाना घंटों तक बिजली गुल रहने के कारण खेतों की सिंचाई नहीं हो पा रही है, जिससे धान की फसल समय पर नहीं लग पा रही है।
बिजली कटौती से किसान परेशान, फसल पर मंडरा रहा खतरा
भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधियों ने बताया कि जुलाई का महीना धान की खेती के लिए सबसे जरूरी होता है। इस समय खेतों में पानी की भारी ज़रूरत होती है, लेकिन बिजली की अनियमितता के कारण मोटरें नहीं चल पा रहीं। इससे किसानों को समय पर खेतों में पानी नहीं मिल पा रहा है और फसल खराब होने का डर बना हुआ है।
बैठक में यूनियन पदाधिकारियों ने साफ कहा कि अगर जल्द ही बिजली आपूर्ति नियमित नहीं की गई, तो किसान मजबूरी में आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
बिजली विभाग ने दिया समाधान का आश्वासन
बैठक के दौरान जेईई नीरज श्रीवास्तव ने किसानों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और भरोसा दिलाया कि बिजली आपूर्ति को जल्द दुरुस्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग किसानों की तकलीफों को समझता है और पूरी कोशिश की जा रही है कि खेतों तक पर्याप्त बिजली पहुंचे।
उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्र में कुछ तकनीकी समस्याएं हैं, जिन्हें जल्द दूर किया जा रहा है। अधिकारियों ने यूनियन को आश्वासन दिया कि आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार दिखेगा और सिंचाई के लिए जरूरी बिजली समय पर उपलब्ध कराई जाएगी।
किसान यूनियन ने जताया असंतोष, चेताया आंदोलन की चेतावनी
भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि अगर विभाग द्वारा जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे गांव-गांव जाकर किसानों को एकजुट करेंगे और चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक क्षेत्र की नहीं, बल्कि पूरे जिले की समस्या है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
बैठक में ये प्रमुख पदाधिकारी रहे शामिल
इस मौके पर यूनियन के जिला उपाध्यक्ष संतोष रघुवंशी, तहसील अध्यक्ष परसोतम रघुवंशी, ग्रामीण अध्यक्ष महिपाल गंगोलिया, बबलू रघुवंशी, टोडल कुशवाह और राघवेंद्र लोधी सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
इन सभी ने एक सुर में कहा कि किसान पहले से ही महंगाई और जलवायु संकट से जूझ रहा है। ऐसे में बिजली की परेशानी उसे और पीछे धकेल रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार और विभाग किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता दे और समय रहते समाधान करें।