सिलवानी। शहर की मुख्य सड़कों पर अतिक्रमण इस कदर हावी हो गया है कि अब 40 फीट चौड़ी सड़कें भी 15 फीट की गली जैसी महसूस होती हैं। दुकानदारों द्वारा फुटपाथ और सड़क के हिस्से पर कब्जा कर लेने से राहगीरों और वाहन चालकों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है। दिनभर सड़कों पर लगने वाले ठेले, अस्थायी दुकानें और अवैध पार्किंग ने सिलवानी की ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।
हर 20 मिनट में लगता है जाम, वाहन चालक परेशान
नगर के गांधी चौक, बजरंग चौराहा, सियरमऊ सागर रोड, उदयपुरा रोड और बरेली रोड पर अतिक्रमण सबसे अधिक है। इन इलाकों में हर 20 से 30 मिनट में ट्रैफिक जाम लग जाता है। सुबह 40 फीट की जो सड़क दिखती है, वह दोपहर होते-होते केवल 10 से 15 फीट की रह जाती है। दुकानदार सड़क किनारे टीनशेड और दुकान के सामने सामान सजाकर बाकी जगह भी ठेलों और ट्रॉलियों के हवाले कर देते हैं।
नगर परिषद की चेतावनियों का नहीं कोई असर
नगर परिषद द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार चेतावनी दी जा चुकी है। दुकानदारों से कहा गया था कि वे सड़क से सामान हटा लें और ठेले वाले हॉकर्स ज़ोन का उपयोग करें। लेकिन ज़मीनी हालात नहीं बदले। हॉकर्स ज़ोन आज भी खाली पड़ा है, और बाजार की सड़कों पर अस्थायी दुकानों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे, जिससे आम जनता को हर दिन ट्रैफिक और अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है।
दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ी
फुटपाथ पर कब्जे और सड़क किनारे अतिक्रमण के चलते राहगीरों के लिए चलना मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालकों से लेकर चार पहिया वाहन तक जाम में फंस जाते हैं। सबसे खराब स्थिति तब होती है जब एंबुलेंस या स्कूली वाहन जाम में फंस जाते हैं। संकरी सड़कों के कारण कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
जाम के प्रमुख प्वाइंट
गांधी चौक से बजरंग चौराहा
सियरमऊ सागर रोड
उदयपुरा रोड और बरेली रोड
इन सभी स्थानों पर दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण कर रास्तों को संकरा बना दिया गया है। फल-सब्जी विक्रेता, चाट-समोसे के ठेले, कपड़ों की दुकानें, प्लास्टिक और घरेलू सामान बेचने वाले दुकानदार पूरे क्षेत्र पर कब्जा जमाए बैठे हैं।
हॉकर्स ज़ोन का नहीं हो रहा उपयोग
नगर परिषद ने ठेले वालों के लिए अलग से हॉकर्स ज़ोन की व्यवस्था की थी, ताकि सड़कें जाम से बच सकें और यातायात सुचारु रहे। लेकिन यह योजना पूरी तरह विफल हो गई है। ठेले वाले हॉकर्स ज़ोन छोड़कर मुख्य बाजार में ही डेरा डाले बैठे हैं। प्रशासन की निष्क्रियता ने हालात और बिगाड़ दिए हैं।
“नगर में अतिक्रमण हटाने को लेकर मुनादी कराई जाएगी। इसके बाद जो भी अतिक्रमणकर्ता मुख्य सड़कों पर अतिक्रमण करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी।”
– ऋषिकांत यादव, सीएमओ, नगर परिषद सिलवानी