सिलवानी एकीकृत कन्या शाला विद्यालय में बुधवार को एक अलग ही माहौल देखने को मिला, जब छात्राओं को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई। यह आयोजन मध्यप्रदेश पुलिस के “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान के अंतर्गत किया गया। कार्यक्रम की अगुवाई थाना प्रभारी पूनम सविता ने की, जिन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए उन्हें नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया।
पूनम सविता ने बेहद सरल और प्रभावशाली अंदाज़ में कहा, “अगर हमें समाज को नशे से मुक्त बनाना है तो इसकी शुरुआत सबसे पहले खुद से, फिर अपने घर और आसपास के माहौल से करनी होगी।” उन्होंने बताया कि यह अभियान सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक बदलाव की पहल है जिसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।
“हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी से ही बनेगा नशा मुक्ति अभियान प्रभावशाली”
इस जन-जागरूकता अभियान में केवल पुलिस विभाग ही नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, सामाजिक न्याय, आबकारी विभाग, स्कूल-कॉलेज के छात्र, ग्राम एवं नगर समितियाँ, एनसीसी, स्काउट-गाइड जैसे संगठनों को भी जोड़ा जा रहा है। उद्देश्य साफ है—हर आयु, हर वर्ग और समाज के हर कोने तक नशा मुक्ति का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाना।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने मीडिया प्रतिनिधियों को नशा विरोधी संदेश वाले पंपलेट, टोपी, बैच और डायरी वितरित की। साथ ही सभी को शपथ दिलाई गई कि वे अपने समाज, स्कूल, गांव और शहर में नशे के खिलाफ एक जागरूक नागरिक के रूप में कार्य करेंगे।
हर दिन कुछ नया: जागरूकता की विभिन्न गतिविधियाँ
अभियान को रोचक और प्रभावशाली बनाने के लिए हर दिन अलग-अलग गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी, जिनमें शामिल हैं:
नुक्कड़ नाटक: आम लोगों को सीधे और असरदार तरीके से संदेश देने के लिए।
चित्रकला व निबंध प्रतियोगिता: छात्र-छात्राओं की रचनात्मकता के माध्यम से जागरूकता फैलाने के लिए।
पंपलेट और पोस्टर वितरण: दुकानों, गली-मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों पर।
सोशल और डिजिटल मीडिया पर प्रचार: वीडियो स्क्रीनिंग, रील्स, हेल्पलाइन नंबर, वेब पोर्टल प्रचार आदि।
सेल्फी प्वाइंट और रैली: युवाओं को जोड़ने का क्रिएटिव तरीका।
“ड्रग अवेयरनेस रन” और जनसंवाद: भागीदारी को मज़बूत करने वाले आयोजन।
30 जुलाई को होगा समापन समारोह
अभियान का समापन 30 जुलाई को एक विशेष कार्यक्रम के साथ किया जाएगा, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक शामिल होंगे। समापन समारोह में अभियान की उपलब्धियों को साझा किया जाएगा और भविष्य के लिए दिशा तय की जाएगी।
नशा सिर्फ व्यक्ति को नहीं, पूरे परिवार को तोड़ता है
पूनम सविता ने कहा, “नशा सिर्फ एक व्यक्ति को बर्बाद नहीं करता, बल्कि उसके परिवार, रिश्तों और समाज पर भी बुरा असर डालता है। इससे बचाव का सबसे अच्छा तरीका है—समय रहते सचेत होना और दूसरों को भी जागरूक करना।”