अखिलेश कुमार शर्मा उदयपुरा (रायसेन)।
जिले के कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने बुधवार को उदयपुरा विकासखंड के ग्राम पंचायत किरगीकलां के छिकरा गांव का दौरा किया। यहां उन्होंने “माखन चोर शासकीय गौशाला” और पीएमश्री शासकीय कन्या शाला का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जहां गौशाला समिति के बेहतर प्रबंधन की तारीफ की, वहीं स्कूल में शिक्षकों और छात्राओं से सीधे संवाद कर शिक्षा की गुणवत्ता जांची।
छिकरा गौशाला की व्यवस्थाओं पर संतुष्टि जताई
कलेक्टर विश्वकर्मा सबसे पहले माखन चोर शासकीय गौशाला छिकरा पहुंचे, जहां उन्होंने गौवंशों की संख्या, उनके लिए चारे-पानी की उपलब्धता, टीकाकरण व्यवस्था और साफ-सफाई की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने समिति के सदस्यों से बात करते हुए गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास करने पर ज़ोर दिया।
कलेक्टर ने गौशाला को “व्यवस्थित और अनुकरणीय” बताते हुए समिति की मेहनत की सराहना की और कहा कि प्रशासन की तरफ से यथासंभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी गौशालाएं समाज में गौसेवा की प्रेरणा बन सकती हैं।
पीएमश्री शासकीय कन्या शाला का भी लिया जायज़ा
इसके बाद कलेक्टर विश्वकर्मा ने स्थानीय पीएमश्री शासकीय कन्या शाला का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने प्राचार्य और शिक्षकों से स्कूल में दर्ज छात्राओं की संख्या, नवप्रवेशित छात्राओं की स्थिति, अध्यापन कार्य, शिक्षकों की उपस्थिति और पाठ्यपुस्तक वितरण से संबंधित जानकारियां लीं।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कक्षाओं में जाकर छात्राओं से गणित के सवाल हल करवाए और उनके शैक्षणिक स्तर को परखा। उन्होंने छात्राओं से संवाद करते हुए पढ़ाई में मन लगाने और बड़े लक्ष्य तय करने की प्रेरणा दी।
शिक्षकों को दिए निर्देश
कलेक्टर ने स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शिक्षक समय पर स्कूल आएं और बच्चों को पूरी लगन से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दें। उन्होंने कहा कि लड़कियों की शिक्षा के प्रति हमें अधिक संवेदनशील होना चाहिए क्योंकि वे आने वाले समय की समाज निर्माता हैं।
निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे अधिकारी
निरीक्षण कार्यक्रम में एसडीएम संतोष मुदगल सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही गौशाला समिति से केशव सिंह पटेल, नेतराम कौरव, सुरेश धाकड़, आशीष शर्मा और नीरज पोरिया भी उपस्थित रहे।
ग्रामवासियों ने भी कलेक्टर के दौरे का स्वागत किया और कहा कि अधिकारियों की ऐसी फील्ड विज़िट्स से ज़मीनी हालात बेहतर होते हैं और जिम्मेदारों की जवाबदेही भी बढ़ती है।