सिलवानी (रायसेन)। जिले में वन संपदा की सुरक्षा को लेकर वन विभाग ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के निर्देश और वनमण्डलाधिकारी प्रतिभा शुक्ला के मार्गदर्शन में सिलवानी क्षेत्र में अवैध रूप से सागौन लकड़ी की तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में वन विभाग की टीम ने बीती रात एक बोलेरो वाहन को पकड़कर उसमें भरी सागौन की लकड़ियों को जब्त किया है।
उपवनमण्डलाधिकारी (सामान्य) इन्दर सिंह बारे के निर्देशन में वन परिक्षेत्र अधिकारी महेन्द्र कुमार पालेचा और उनकी टीम पश्चिम सिलवानी रेंज में गश्त कर रही थी। उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि अवैध रूप से सागौन की लकड़ी भरकर एक वाहन से परिवहन किया जा रहा है। जानकारी मिलते ही रेंजर पालेचा ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और चोरी के रास्तों पर नाकाबंदी करने के लिए दो टीमें तैयार की गईं।
रात करीब 3:20 बजे बम्होरी रोड पर गश्त कर रही टीम को एक बोलेरो वाहन आता हुआ दिखाई दिया। जब वन विभाग की टीम ने वाहन को रोकने का इशारा किया, तो चालक वाहन को तेज रफ्तार से भगाकर फरार हो गया। टीम ने वाहन का पीछा किया और कुछ दूरी पर वाहन को वटेरा मार्ग पर खड़ा पाया। चालक मौके से भाग चुका था।
वाहन की तलाशी लेने पर उसमें सागौन की 20 नग ईमारती लकड़ी पाई गई। मौके पर ही पंचनामा बनाकर लकड़ी की माप की गई और सूची तैयार कर जप्ती की कार्रवाई पूरी की गई। बोलेरो वाहन (क्रमांक MP 04 GB 2240) को जब्त कर सागौन के साथ सिलवानी रेंज कार्यालय लाया गया।
आरोपियों की पहचान टेकापार, गैरतगंज निवासी मोनू कुशवाह पिता हीरालाल कुशवाह और उचैरा जमुनिया निवासी चंद्रेश पिता प्रेमनारायण इमने के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण क्रमांक 47301/24 दिनांक 25 जुलाई 2025 को पंजीबद्ध किया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
इस कार्रवाई में उप वनमण्डलाधिकारी इन्दर सिंह बारे, रेंजर महेन्द्र पालेचा, कार्यवाहक वनपाल अखिलेश रजक, कमलेश तिवारी, हरनारायण सिंह, मनोज साहू, भूपेंद्र लोधी, वीरेन्द्र त्रिपाठी सहित वाहन चालक धर्मेन्द्र लोधी का विशेष योगदान रहा।
वन विभाग की इस सख्ती से तस्करों में हड़कंप मच गया है और स्थानीय लोगों ने भी विभाग की तत्परता की सराहना की है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्यवाही आगे भी निरंतर जारी रहेगी ताकि वन संपदा की रक्षा सुनिश्चित हो सके।