मथुरा। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक ओर जहां बदमाशों और हिस्ट्रीशीटरों पर लगातार शिकंजा कस रहे हैं, वहीं कुछ लोग “भाजपा कार्यकर्ता” बनकर न सिर्फ पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचा रहे हैं बल्कि आम लोगों को परेशान कर रहे हैं। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला मथुरा में सामने आया है, जहां दर्जनों पीड़ितों ने ऐसे दबंगों के खिलाफ मथुरा के एसएसपी से मिलकर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ितों में राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के पूर्व जिला अध्यक्ष भी शामिल हैं, जो दर्जन भर लोगों के साथ मथुरा एसएसपी कार्यालय पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि वेटरनरी कॉलेज इलाके में रहने वाले कुछ दबंग, जो खुद को बीजेपी कार्यकर्ता बताते हैं, असल में हिस्ट्रीशीटर हैं। इन लोगों ने मिलीभगत कर कई लोगों की ज़मीनें फर्जी दस्तावेज़ों के ज़रिए अपने नाम करवा लीं। जब पीड़ितों ने पैसा मांगा तो उन्हें झूठे चेक पकड़ा दिए और धमकी देने लगे।”
पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने उनसे बदतमीजी से बात की, गालियाँ दीं और जान से मारने की धमकी तक दे डाली। ये लोग खुलेआम दबंगई कर रहे हैं, जबकि इनके खिलाफ पहले से ही हत्या जैसे संगीन मामलों में केस दर्ज हैं। इसके बावजूद ये खुद को बीजेपी कार्यकर्ता बताकर लोगों को डराते-धमकाते रहते हैं और खुलेआम घूम रहे हैं।
पार्टी की छवि को नुकसान
पीड़ितों का कहना है कि इन लोगों की गुंडागर्दी और धोखाधड़ी से न सिर्फ आम जनता परेशान है, बल्कि भाजपा जैसी राष्ट्रीय पार्टी की छवि भी खराब हो रही है। मुख्यमंत्री योगी जहां “माफिया मुक्त उत्तर प्रदेश” का नारा देकर अपराधियों पर शिकंजा कस रहे हैं, वहीं कुछ लोग पार्टी का नाम लेकर खुलेआम कानून का मजाक उड़ा रहे हैं।
एसएसपी से सख्त कार्रवाई की मांग
एसएसपी से मुलाकात के दौरान पीड़ितों ने लिखित शिकायत सौंपी और मांग की कि इन हिस्ट्रीशीटरों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता है, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
पूर्व आरएलडी जिलाध्यक्ष ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ऐसे अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन निष्पक्ष होकर कार्रवाई करेगा और पीड़ितों को न्याय दिलाएगा।
पुलिस जांच शुरू
सूत्रों के मुताबिक, एसएसपी ने पीड़ितों की शिकायत को गंभीरता से लिया है और संबंधित थाना पुलिस को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि यदि आरोप सही पाए गए तो किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी दल का क्यों न हो।
जनता में रोष
इस घटना को लेकर आम लोगों में भी रोष है। लोगों का कहना है कि ऐसे लोगों पर समय रहते सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि कोई भी पार्टी का नाम लेकर गुंडागर्दी करने की हिम्मत न कर सके। खासकर तब, जब सरकार अपराधमुक्त प्रदेश की दिशा में लगातार काम कर रही है।