जितेंद्र साहू रायपुर। Chhattisgarh News छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर राज्य के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। यह बैठक न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही, बल्कि छत्तीसगढ़ के गौरव और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
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बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार, प्रदेश में रक्षा क्षेत्र के निवेश, सेना भर्ती रैलियों और नौसेना के नए जहाजों के नामकरण जैसे विषयों पर सार्थक बातचीत की। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह भी मौजूद रहे। Chhattisgarh News
बिलासपुर एयरपोर्ट विस्तार के लिए रक्षा मंत्रालय से सहयोग का अनुरोध
मुख्यमंत्री साय ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को बताया कि बिलासपुर में रक्षा मंत्रालय की भूमि उपलब्ध है, जिसे एयरपोर्ट के विस्तार कार्य में उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने इस भूमि को राज्य सरकार को हस्तांतरित करने का अनुरोध किया ताकि एयर कनेक्टिविटी को बढ़ाया जा सके। Chhattisgarh News
साय ने कहा कि बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार से न केवल आम नागरिकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि औद्योगिक विकास और निवेश के नए रास्ते भी खुलेंगे। साथ ही उन्होंने रक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष आर्थिक गतिविधियों की भी मांग रखी।
सेना भर्ती रैलियों से बढ़ेगा युवाओं में देशसेवा का उत्साह
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं के जोश और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में देशभक्ति की भावना प्रबल है। उन्होंने रक्षा मंत्री से पूरे प्रदेश में “सेना भर्ती रैलियों” के आयोजन की मांग की। Chhattisgarh News
साय ने कहा कि राज्य के सुदूर इलाकों के युवा सेना में भर्ती होना चाहते हैं, लेकिन कई बार उन्हें दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है। अगर छत्तीसगढ़ में नियमित भर्ती रैलियां आयोजित की जाएं, तो स्थानीय युवाओं को अपने ही राज्य में देश सेवा का अवसर मिलेगा और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। Chhattisgarh News
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INS इंद्रावती और INS महानदी जैसे नामों का सुझाव
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक के दौरान एक खास सुझाव दिया जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नदियाँ — इंद्रावती, महानदी और शंखनी-डंकी — केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि प्रदेश की संस्कृति और आत्मा का प्रतीक हैं।
साय ने सुझाव दिया कि भविष्य में जब भी रक्षा मंत्रालय नए नौसैनिक पोत या जहाज लॉन्च करे, तो उनमें से कुछ का नाम छत्तीसगढ़ की नदियों और क्षेत्रों के नाम पर रखा जाए। जैसे — Chhattisgarh News
INS इंद्रावती, INS महानदी या INS बस्तर।
उन्होंने कहा, “यह न केवल एक प्रतीकात्मक कदम होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देगा।” Chhattisgarh News
रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री को राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस नीति के तहत रक्षा उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और अनुसंधान को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
साय ने कहा कि यह नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन के अनुरूप है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि छत्तीसगढ़ में हाई-टेक प्रशिक्षण और निजी निवेश का नया दौर शुरू होगा। Chhattisgarh News
छत्तीसगढ़ को मिलेगा नई पहचान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस मुलाकात से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार अब केवल पारंपरिक विकास योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि रक्षा, उद्योग और सांस्कृतिक गौरव के संयोजन से प्रदेश को नई दिशा देने की तैयारी में है।
अगर नौसैनिक पोतों का नाम छत्तीसगढ़ की नदियों और क्षेत्रों पर रखा गया, तो यह न केवल प्रदेश के लिए गर्व का क्षण होगा, बल्कि यह देश के मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की नई पहचान भी बनेगा। Chhattisgarh News
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की यह बैठक छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ी संभावना लेकर आई है। बिलासपुर एयरपोर्ट विस्तार से लेकर सेना भर्ती रैली और नौसेना के जहाजों के नामकरण तक, हर मुद्दा राज्य के गौरव और विकास से जुड़ा है। आने वाले दिनों में इस चर्चा के नतीजे प्रदेश के युवाओं और उद्योग जगत के लिए एक नई उम्मीद साबित हो सकते हैं।