जगदलपुर। Maa Danteshwari Temple छत्तीसगढ़ के बस्तर में चल रहे ऐतिहासिक दशहरा महोत्सव के बीच शनिवार का दिन धार्मिक आस्था और श्रद्धा से भरा रहा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जगदलपुर पहुंचकर बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के दरबार में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने मां दंतेश्वरी से प्रदेश और देश के सुख-शांति, समृद्धि और जनता की खुशहाली की कामना की।
Table of Contents
बस्तर का दशहरा महोत्सव आदिवासी संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक माना जाता है। हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालु मां दंतेश्वरी के दर्शन के लिए जगदलपुर पहुंचते हैं। इस साल महोत्सव में केंद्रीय गृह मंत्री की उपस्थिति से बस्तर की धार्मिक नगरी में खास उत्साह देखने को मिला। Maa Danteshwari Temple
मां दंतेश्वरी मंदिर में हुई विधिवत पूजा-अर्चना
जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर में अमित शाह और मुख्यमंत्री साय का पारंपरिक स्वागत किया गया। पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विशेष पूजा करवाई। मां की आरती के दौरान पूरा मंदिर परिसर “जय मां दंतेश्वरी” के जयघोष से गूंज उठा।
अमित शाह ने मंदिर में नारियल चढ़ाया और प्रदेश की जनता की उन्नति, शांति और विकास के लिए मां से आशीर्वाद मांगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी इस अवसर पर कहा कि “मां दंतेश्वरी बस्तर की आराध्य देवी हैं, जिनकी कृपा से यहां की संस्कृति, परंपरा और समाज जीवंत है। मां से यही प्रार्थना है कि छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति करे और हर परिवार खुशहाल हो।”
मंत्रीगण और जनप्रतिनिधियों ने भी की हाजिरी
इस मौके पर राज्य के कई मंत्री और जनप्रतिनिधि भी मां दंतेश्वरी के दर्शन के लिए उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद थे। Maa Danteshwari Temple
इसके साथ ही बस्तर सांसद एवं दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप, कांकेर सांसद भोजराज नाग, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम और कांकेर विधायक आशाराम नेताम ने भी मां के दरबार में माथा टेका।
धार्मिक आस्था और संस्कृति का संगम
बस्तर दशहरा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि यह बस्तर की पहचान और जनजातीय संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। 75 दिनों तक चलने वाले इस अनोखे महोत्सव में देवी दंतेश्वरी की आराधना के साथ-साथ लोक परंपराओं, नृत्य-संगीत और मेलों का भी विशेष आयोजन होता है। Maa Danteshwari Temple
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बस्तर आगमन इस पर्व को और भी ऐतिहासिक बना गया। उनके साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक बना दिया। Maa Danteshwari Temple
प्रदेश की समृद्धि और शांति के लिए मांगी दुआ
पूजा के बाद अमित शाह ने कहा कि “बस्तर की भूमि वीरता, आस्था और परंपरा की भूमि है। मां दंतेश्वरी की कृपा से यहां के लोग सुख-शांति और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ें, यही हमारी प्रार्थना है।”
मुख्यमंत्री साय ने भी कहा कि राज्य सरकार बस्तर के विकास और उसकी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। Maa Danteshwari Temple
बस्तर में उमड़ा आस्था का सैलाब
मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर में इस अवसर पर भारी भीड़ उमड़ी रही। श्रद्धालुओं ने सुबह से ही लाइन में लगकर देवी के दर्शन किए। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की थी। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था में जुटे रहे ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। Maa Danteshwari Temple
पूरे शहर में धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला। स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए और मंदिर परिसर में “जय मां दंतेश्वरी” के नारे लगातार गूंजते रहे। Maa Danteshwari Temple
बस्तर दशहरा बना गौरव का प्रतीक
इस वर्ष का बस्तर दशहरा न केवल सांस्कृतिक दृष्टि से बल्कि राजनीतिक और सामाजिक रूप से भी विशेष रहा। केंद्रीय गृह मंत्री की उपस्थिति से इस उत्सव को राष्ट्रीय पहचान मिली। Maa Danteshwari Temple
बस्तर के लोगों ने इसे गौरव और सम्मान का क्षण बताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब देश के गृह मंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री एक साथ मां दंतेश्वरी के चरणों में पहुंचे, तो यह पूरे बस्तर के लिए सौभाग्य की बात है।
https://twitter.com/DainikHistory?t=un2EfdiIG8L5BD8EkPp2qg&s=08