वृंदावन। श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर इस बार जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में एक भव्य और दिव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो 18 अगस्त को पूरे वृंदावन नगर में भगवान श्रीकृष्ण के अर्चा स्वरूपों के साथ नगर भ्रमण करेगी। इस आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप देने के लिए राधा श्याम सुंदर मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव सेवा समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें तीर्थ पुरोहित समाज और वृंदावन के प्रमुख मंदिरों के सेवायतों ने हिस्सा लिया।
बैठक की अध्यक्षता राधा श्याम सुंदर मंदिर के महंत और महोत्सव समिति के समन्वयक कृष्ण गोपालानंद देव गोस्वामी ने की। उन्होंने कहा कि वृंदावन भगवान श्रीकृष्ण की लीलाभूमि है और यहां से निकलने वाली शोभायात्रा का संदेश पूरी दुनिया में जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण जन्म महोत्सव 15 अगस्त से 19 अगस्त तक चलेगा, जिसमें वृंदावन के सभी प्रमुख मंदिर अपने-अपने अर्चा विग्रहों के साथ भाग लेंगे।
आस्था और भक्ति से सजी होगी शोभायात्रा
18 अगस्त को होने वाली श्रीकृष्ण जन्म शोभायात्रा में राधा रमन, राधा बल्लभ, राधा दामोदर, राधा गोपीनाथ, राधा वल्लभ और अन्य प्रमुख मंदिरों के ठाकुर जी नगर भ्रमण पर निकलेंगे। यह शोभायात्रा श्रद्धालुओं के लिए एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव होगा जिसमें भक्त भगवान की झलक पाने के लिए उमड़ पड़ेंगे।
भगवान श्रीकृष्ण की निज भूमि से निकलेगा विशिष्ट संदेश
राधा दामोदर मंदिर के सेवायत आचार्य कनिका प्रसाद गोस्वामी ने कहा, “वृंदावन केवल एक तीर्थ स्थल नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की निज भूमि है। यहां से निकली हर धार्मिक यात्रा और आयोजन, विश्व को अध्यात्म का संदेश देता है।” उन्होंने सभी कृष्ण भक्तों से अपील की कि वे इस शोभायात्रा और महोत्सव में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
तीर्थ पुरोहित समाज का भी मिलेगा सहयोग
तीर्थ पुरोहित पंडा महासभा के अध्यक्ष पं. श्याम सुंदर गौतम ने आश्वासन दिया कि उनका संगठन महोत्सव की सफलता में पूरा सहयोग देगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक परंपरा ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता और आस्था का जीवंत उदाहरण है।
बैठक में अनेक धार्मिक सेवायत रहे उपस्थित
बैठक में वृंदावन के कई मंदिरों के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिनमें राधा गोपीनाथ मंदिर के सेवायत राजा गोस्वामी, बड़ा रासमंडल के श्रीमहंत लाडलीशरण दास महाराज, पं. सुरेश चंद्र शर्मा, पं. चंद्रप्रकाश शर्मा, विनोद वार्ष्णेय, अन्नू अरोड़ा समेत अन्य कई श्रद्धेय जन उपस्थित रहे।
नगर भ्रमण में दिखेगा भक्तिभाव और सांस्कृतिक रंग
शोभायात्रा के दौरान श्रीकृष्ण की झांकियां, भजन-कीर्तन, पुष्पवर्षा और रथों की सजावट पूरे वृंदावन को कृष्णमय बना देंगे। आयोजन को भव्य और दिव्य रूप देने के लिए सभी सेवायतों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने मंदिरों के अर्चा स्वरूपों को अलंकृत कर, शोभायात्रा में सम्मिलित करें।