मथुरा (गोवर्धन)। अड़ीँग पुलिस चौकी पर एक युवक के साथ मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि युवक को चौकी पर बुलाकर पुलिस और कुछ दबंगों ने मिलकर पीटा। यही नहीं, इस पूरी घटना के बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
यह घटना रविवार रात की है। गोवर्धन थाना क्षेत्र के माधुरी कुंड निवासी प्रह्लाद सिंह का कुछ लोगों से पुराना विवाद चल रहा था। इस मामले में उन्हें पहले धारा 151 के तहत गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में जमानत पर रिहा हो गए। इसके बाद पुलिस ने फिर उन्हें चौकी पर बुलाया, लेकिन वे खुद नहीं जा सके, इसलिए उनका बेटा बृज किशोर चौकी पहुंचा।
चौकी पर ही हुआ हमला, पुलिस पर भी गंभीर आरोप
बृज किशोर का आरोप है कि जब वह चौकी पहुंचा तो वहां पहले से ही कुछ दबंग मौजूद थे। उसने कहा कि पुलिस की मौजूदगी में ही उन दबंगों ने उसके साथ जमकर मारपीट की। सबसे हैरानी की बात यह है कि बृज किशोर ने चौकी प्रभारी पर खुद भी मारपीट करने का आरोप लगाया है।
उसका कहना है कि कुछ दिन पहले उसने पुलिस की कार्यशैली को लेकर शिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी, जिससे नाराज होकर चौकी प्रभारी ने न सिर्फ उसकी बात अनसुनी की, बल्कि कथित रूप से दबंगों के साथ मिलकर उसे पीट भी दिया।
परिजनों ने पहुंचकर बचाई जान
घटना की जानकारी मिलते ही बृज किशोर के परिजन मौके पर पहुंचे। किसी तरह उसे वहां से छुड़ाकर स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
घायल युवक की हालत नाजुक बताई जा रही है। परिजनों का कहना है कि यह सीधा पुलिसिया गुंडागर्दी का मामला है, जिसमें एक युवक को चौकी पर बुलाकर सरेआम पीटा गया।
सोमवार दोपहर 1 बजे तक पुलिस विभाग की ओर से इस पूरे मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। न ही चौकी प्रभारी की तरफ से कोई सफाई दी गई है।
स्थानीय लोगों में गुस्सा, कार्रवाई की मांग
घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस खुद इस तरह की कार्रवाई में शामिल होगी, तो आम जनता कहां जाएगी। लोगों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि पीड़ित को न्याय मिलना चाहिए।
पुलिस पर पहले भी लग चुके हैं आरोप
अड़ीँग चौकी पर इससे पहले भी पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठते रहे हैं। शिकायतों की जांच करने के बजाय अक्सर शिकायतकर्ताओं को ही परेशान किया जाता है, यह आरोप कई बार स्थानीय लोग लगा चुके हैं। अब इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर पुलिस की भूमिका पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
जांच की मांग, प्रशासन की चुप्पी
फिलहाल लोग जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। पीड़ित परिवार चाहता है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और भविष्य में इस तरह की घटनाएं ना हों। अभी तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे नाराजगी और बढ़ती जा रही है।