लखनऊ। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां अब गति पकड़ चुकी हैं। पंचायती राज विभाग ने चुनाव से पहले की अहम प्रक्रिया — परिसीमन — के लिए विस्तृत समय-सारणी जारी कर दी है। इस बार का चुनाव कई मायनों में खास होगा क्योंकि बीते पांच सालों में प्रदेश में शहरी और ग्रामीण इलाकों के स्वरूप में बड़ा बदलाव आया है।
नगर निगमों का विस्तार, नई नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के गठन से कई क्षेत्र अब ग्रामीण नहीं रहे। इन्हें शहरी क्षेत्र में शामिल कर लिया गया है, जिसका सीधा असर ग्राम पंचायतों और उनके वार्डों की सीमा और संख्या पर पड़ रहा है। इसी के चलते अब नए सिरे से परिसीमन किया जा रहा है, ताकि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से कराए जा सकें।
शहरी विस्तार ने बदली पंचायत चुनाव की रूपरेखा
ग्रामीण इलाकों की आबादी का नया आंकलन इस पूरी प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि कौन से क्षेत्र अब शहरी सीमा में आ गए हैं और किन्हें अब भी ग्रामीण क्षेत्र माना जाना चाहिए। जो इलाके अब शहरी क्षेत्र में शामिल हो चुके हैं, उन्हें ग्राम पंचायतों से अलग कर दिया जाएगा। इससे ग्रामीण मतदाताओं और क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को लेकर तस्वीर बिल्कुल साफ हो जाएगी।
तय समयसीमा में होगी पूरी प्रक्रिया
पंचायती राज विभाग की ओर से जारी की गई समय-सारणी के अनुसार, 18 जुलाई से 22 जुलाई तक ग्राम पंचायतवार जनसंख्या का आंकलन किया जा रहा है। इसके बाद 23 जुलाई से 28 जुलाई तक ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के प्रस्तावित वार्डों की सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद आम लोग 29 जुलाई से 2 अगस्त तक अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
3 अगस्त से 5 अगस्त के बीच प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा और अंत में 6 अगस्त से 10 अगस्त के बीच परिसीमन की अंतिम सूची प्रकाशित कर दी जाएगी।
इस प्रक्रिया के पूरा होते ही पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया जाएगा।
यह है परिसीमन की समय-सारणी (2025)
18 जुलाई से 22 जुलाई: ग्राम पंचायतवार जनसंख्या का आकलन।
23 जुलाई से 28 जुलाई: प्रस्तावित वार्डों की सूची का प्रकाशन।
29 जुलाई से 2 अगस्त: आपत्तियां दर्ज करने की अवधि।
3 अगस्त से 5 अगस्त: आपत्तियों का निस्तारण।
6 अगस्त से 10 अगस्त: अंतिम सूची का प्रकाशन।
पारदर्शी प्रक्रिया का दावा
विभाग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ तय समयसीमा में पूरी की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाताओं की भागीदारी और सुविधा को ध्यान में रखते हुए हर पहलू पर बारीकी से काम किया जा रहा है।
चुनाव की तारीखें अंतिम सूची के प्रकाशन के बाद घोषित की जाएंगी, लेकिन यह तय है कि इस बार का पंचायत चुनाव बदली हुई सीमाओं और संरचना के साथ एक नई दिशा तय करेगा