गोवर्धन (मथुरा)। थाना गोवर्धन क्षेत्र के गांव अडींग में एक बार फिर चोरी की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। बीती रात अडींग के मोहल्ला सेहरा पाइसा से एक टेंपो चोरी हो गया। अज्ञात चोर ने देर रात सुनसान माहौल का फायदा उठाते हुए टेंपो पर हाथ साफ कर दिया। टेंपो मालिक को जैसे ही चोरी की जानकारी मिली, उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
घटना की सूचना मिलते ही गोवर्धन पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और साथ ही टेंपो में लगे GPS सिस्टम की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस करना शुरू किया। पुलिस को टेंपो की अंतिम लोकेशन जिला हाथरस के एक इलाके में मिली, जहां तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने टेंपो को पकड़ लिया।
पुलिस ने मौके से एक युवक को भी गिरफ्तार किया, जिसकी पहचान अडींग निवासी सन्नू पुत्र सकूर खान के रूप में की गई है। पूछताछ में आरोपी ने टेंपो चोरी की बात कबूल की है। पुलिस आरोपी को अडींग पुलिस चौकी ले आई है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
जीपीएस सिस्टम बना सबूत
इस मामले में टेंपो मालिक द्वारा टेंपो में लगाया गया जीपीएस सिस्टम अहम साबित हुआ। इसी तकनीक की मदद से चोरी हुए वाहन की सटीक लोकेशन का पता चला और पुलिस समय रहते वाहन बरामद कर सकी। जीपीएस से मिली जानकारी के आधार पर ही पुलिस हाथरस पहुंची और टेंपो सहित चोर को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
ग्रामीणों ने की पुलिस की सराहना
टेंपो की चोरी और फिर तत्परता से बरामदगी के बाद अडींग गांव में पुलिस की जमकर सराहना की जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने समय रहते एक बड़ी परेशानी को हल कर दिया है। आमतौर पर इस तरह की चोरी के मामलों में वाहन मिलना मुश्किल होता है, लेकिन इस बार पुलिस की सक्रियता से वाहन सुरक्षित मिल गया।
चोरी की घटनाओं से सतर्क रहें ग्रामीण
बीते कुछ समय से अडींग और आसपास के इलाकों में चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी तो बनती ही है, लेकिन ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। वाहन मालिकों को चाहिए कि वे अपने वाहनों में GPS जैसे उपकरण जरूर लगवाएं और रात्रि के समय अपने वाहन को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करें।
पुलिस कर रही आगे की कार्रवाई
गोवर्धन पुलिस ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं वह किसी चोरी गैंग से तो जुड़ा नहीं है। पुलिस का मानना है कि ऐसे मामलों में आरोपी अकेला नहीं होता, बल्कि कोई गिरोह सक्रिय होता है। यदि पूछताछ में कोई और नाम सामने आता है तो आगे और गिरफ्तारी की जा सकती है।