मथुरा (गोवर्धन)।मथुरा के गोवर्धन ब्लॉक स्थित वोरफा गांव में चाट खाने के बाद फूड पॉइजनिंग फैलने से अफरातफरी मच गई। गांव में आए एक चाट ठेले वाले से चाट खाने के कुछ ही देर बाद करीब दो दर्जन ग्रामीणों, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, को उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। जैसे-जैसे हालात बिगड़ते गए, लोगों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया।
ग्रामीणों में हड़कंप, कई अस्पताल में भर्ती
बीमार हुए लोगों को पहले गांव के पास स्थित गोवर्धन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति में कुछ मरीजों को मथुरा जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं कुछ लोगों को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी भी दे दी गई है। फिलहाल गांव में हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन लोगों में डर और चिंता बनी हुई है।
ठेले की चाट बनी बीमारी की वजह
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में बाहर से एक चाट वाला आया था, जिसने ठेले पर चाट बेची। गांव के कई लोगों ने उसी से चाट खाई और कुछ ही देर बाद उल्टी, दस्त और पेट में मरोड़ जैसी समस्याएं शुरू हो गईं। बच्चों और बुजुर्गों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। देखते ही देखते लगभग 20 से अधिक लोग बीमार हो गए, जिससे गांव में हड़कंप मच गया।
चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची
घटना की जानकारी मिलते ही चिकित्सा विभाग की कई टीमें गांव वोरफा पहुंचीं और फौरन इलाज शुरू किया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच में फूड पॉइजनिंग की पुष्टि की है और कहा कि चाट में इस्तेमाल किए गए सामग्री या पानी में संक्रमण हो सकता है। फिलहाल कुछ मरीजों का इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
प्रशासन ने मामले को लिया संज्ञान में
स्थानीय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उस ठेले वाले की तलाश शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि चाट में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता खराब थी या फिर खुले में रखे खाने से बैक्टीरिया पनप गया। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग सैंपल जांच की प्रक्रिया में जुटा है और गांव में जागरूकता भी फैलाई जा रही है।
गांव में डर का माहौल, परिजन परेशान
घटना के बाद वोरफा गांव में डर का माहौल है। बीमार हुए लोगों के परिजन अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं। एक ग्रामीण ने बताया, “हम तो बस यूं ही चाट खाने गए थे, सोचा थोड़ा स्वाद ले लें। अब बच्चे अस्पताल में हैं, बहुत घबराहट हो रही है।” लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों में आने वाले खाद्य विक्रेताओं की जांच होनी चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
चिकित्सकों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
डॉक्टरों ने ग्रामीणों से कहा है कि गर्मी और बरसात के मौसम में खुले में रखे या बाहर से आए खाने से परहेज करें। साफ पानी का इस्तेमाल करें और बच्चों को बाहर का खाना खाने से रोकें। स्वास्थ्य विभाग ने गांव में जरूरी दवाएं और जांच टीम तैनात कर दी है।