लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को लखनऊ कैंप कार्यालय पर जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान आम लोगों से सीधे संवाद किया। इस मौके पर प्रदेश के लगभग तीन दर्जन जिलों से आए सैकड़ों लोगों ने अपनी समस्याएं उपमुख्यमंत्री के सामने रखीं, जिन्हें गंभीरता से सुना गया और संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए गए।
जनता दर्शन में उपस्थित लोगों में पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा भी शामिल रहे। कार्यक्रम में आए फरियादियों की समस्याएं जमीन विवाद, राजस्व से जुड़े मामलों, चिकित्सा सहायता, पेंशन, बिजली-पानी, सड़क, पुलिस कार्रवाई, शिक्षा और रोजगार से संबंधित रहीं।
“जनता दर्शन” बना जनता से जुड़ने का असरदार मंच
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जनता दर्शन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता से सीधा संवाद करने का मजबूत माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि इससे सरकार को जमीनी स्तर की समस्याएं जानने और उनका समाधान करने में मदद मिलती है।
उन्होंने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि किसी भी समस्या को हल्के में न लें और समयबद्ध व संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करें। केशव मौर्य ने यह भी कहा कि जहां ज़रूरत हो, अधिकारी मौके पर जाकर निरीक्षण करें और पीड़ितों को त्वरित राहत दें।
अधिकारियों से की सीधे फोन पर बात
जनता दर्शन के दौरान उपमुख्यमंत्री ने कई मामलों में संबंधित जिलों के डीएम, एसपी और वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर बात की और मौके पर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कानपुर देहात, सम्भल, कौशांबी, मिर्जापुर, पीलीभीत, आजमगढ़, कासगंज, फिरोजाबाद, प्रतापगढ़, जालौन, बदायूं और हाथरस जैसे जिलों के अधिकारियों से संपर्क कर समस्याओं के समाधान पर फोकस करने को कहा।
खास तौर पर भूमि विवाद से जुड़े मामलों में उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा कि राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर भेजा जाए और समाधान कराया जाए।
“हर पीड़ित को न्याय मिले, यही सरकार की प्राथमिकता”
केशव प्रसाद मौर्य ने जनता को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर नागरिक की समस्या का पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता से समाधान करेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी पीड़ित को निराश नहीं लौटने दिया जाएगा और सरकार हर स्तर पर आम जनता के हित में काम कर रही है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि उत्पीड़न, अवैध कब्जा और पुलिस की निष्क्रियता जैसे मामलों को बिलकुल भी नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और जहां जरूरी हो, वहां कठोर कार्रवाई की जाएगी।
दोबारा न भटकना पड़े, यह सुनिश्चित करें
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि समस्या का समाधान इस तरह किया जाए कि व्यक्ति को बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने समस्याओं का सम्पूर्ण समाधान सुनिश्चित करने और जवाबदेही तय करने की बात भी कही।
कार्यक्रम में आए लोगों ने उपमुख्यमंत्री की सक्रियता और संवेदनशीलता की सराहना की। यह भी देखा गया कि अधिकांश फरियादियों को मौके पर ही राहत का भरोसा मिला और कई मामलों में तत्काल कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई।