मथुरा (सोंख)। मथुरा के सोंख कस्बे में शुक्रवार शाम एक ऐसा मामला सामने आया जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। जेवरातों के लेनदेन के विवाद में 20 लोगों की भीड़ ने एक घर पर हमला कर दिया। हमलावर न सिर्फ घर में घुसे बल्कि महिलाओं के साथ बदसलूकी कर गले से मंगलसूत्र तक छीन लिया और घर में रखे 17 हजार रुपए भी ले गए। इस दौरान तमंचे से फायरिंग कर जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
क्या है पूरा मामला?
कस्बे के कुम्हेर अड्डा स्थित रहने वाले मंजीत सिंह ने बताया कि वह सराफा बाजार में बनवारी वर्मा की दुकान पर नौकरी करता है। बीते साल नगला आशा निवासी एक व्यक्ति ने उसकी दुकान पर सोने के जेवरात 21 हजार रुपये में गिरवी रखे थे। गुरुवार शाम करीब 4 बजे वह व्यक्ति जेवर लेने पहुंचा, लेकिन सिर्फ 9 हजार रुपये लेकर आया। तय रकम पूरी न होने पर मंजीत ने जेवर लौटाने से मना कर दिया। इसी बात पर विवाद हुआ और शुक्रवार को यह झगड़ा हिंसा में बदल गया।
लाठी-डंडों से हमला, बाजार में मची अफरा-तफरी
शुक्रवार शाम करीब 5 बजे करीब 20 लोग मंजीत सिंह के घर पहुंचे और अचानक लाठी-डंडों से हमला कर दिया। ईंट-पत्थर फेंके गए और घर में जबरन घुसकर तोड़फोड़ की गई। आरोपियों ने मंजीत की भाभी गुड्डी देवी के गले से मंगलसूत्र छीन लिया और घर में रखे 17 हजार रुपये भी उठा ले गए। हमलावरों ने फायरिंग करते हुए धमकी दी कि अगर दोबारा विरोध किया तो जान से मार देंगे।
घटना के दौरान मंजीत सिंह का भाई रणवीर सिंह और गुड्डी देवी घायल हो गए। घटना की खबर फैलते ही कुम्हेर अड्डा इलाके में हड़कंप मच गया और दुकानदारों ने बाजार बंद कर दिया। डर के माहौल में लोगों ने घरों के दरवाजे बंद कर लिए।
वीडियो वायरल, पुलिस ने शुरू की जांच
घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हमलावर घर में घुसते और पथराव करते दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित मंजीत सिंह ने सोंख थाने में नामजद तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
सीओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है और हमले में शामिल सभी लोगों की पहचान की जा रही है। वीडियो फुटेज और चश्मदीदों के बयान के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों में रोष, मांगी सुरक्षा
इस घटना के बाद कस्बे के लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलिस पहले ही विवाद की सूचना पर गंभीरता दिखाती, तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए।