लखनऊ जिले में “एक रुपये में स्वच्छता” अभियान को लेकर तेजी लाई जा रही है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में जिलाधिकारी विशाख जी. की अध्यक्षता में जिला स्वच्छता समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वच्छता से जुड़े तमाम पहलुओं पर गहराई से चर्चा हुई और ग्राम पंचायत स्तर तक इस अभियान को प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया गया।
दो ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन केंद्र को मंजूरी
बैठक के दौरान बताया गया कि निदेशालय स्तर से जिले को दो प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य मिला है। इस दिशा में पांच विकासखंडों से प्रस्ताव समिति के सामने रखे गए, जिनमें से विकासखंड गोसाईगंज की ग्राम पंचायत बक्कास और विकासखंड माल की ग्राम पंचायत नबीपनाह को स्वीकृति दी गई है। ये केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरे की उचित निपटान प्रणाली के लिए अहम भूमिका निभाएंगे।
फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए स्थलीय सत्यापन का निर्देश
फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए भी दो यूनिट स्थापित करने का लक्ष्य मिला है। इसके लिए तीन विकासखंडों से स्थल प्रस्तावित किए गए। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता (जल निगम), परियोजना निदेशक (डीआरडीए) और जिला पंचायत राज अधिकारी की संयुक्त टीम बनाकर स्थलों का निरीक्षण कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। सत्यापन के बाद ही प्रस्ताव निदेशालय को भेजा जाएगा।
स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 के लिए तैयारी तेज
बैठक में स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 के तहत जनपद की रैंकिंग बेहतर करने के लिए खास रणनीति बनाई गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों – स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायती राज आदि को निर्देश दिए कि वे डोर-टू-डोर भ्रमण कर ग्रामीणों से सर्वेक्षण संबंधी फीडबैक प्राप्त करें। इससे न सिर्फ जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि रैंकिंग में भी सुधार संभव होगा।
“एक रुपये में स्वच्छता” योजना के तहत चयनित 150 ग्राम पंचायतों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि इन अभियानों के माध्यम से ग्रामीणों की भागीदारी को और अधिक सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण स्तर पर लोग जुड़ते हैं, तो स्वच्छता की दिशा में बदलाव अपने आप दिखाई देने लगता है।
बैठक में यह भी बताया गया कि पूर्व में चिन्हित 50 ग्राम पंचायतों से 4 महीनों में कुल ₹13,62,735 का स्वच्छता शुल्क एकत्र किया गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यह राशि स्वच्छता उपकरणों की खरीद, सक्शन पंप, आरआरसी सेंटर के रखरखाव, अतिरिक्त ई-रिक्शा जैसे कार्यों में खर्च की जाए।
दूसरे चरण में 100 ग्राम पंचायतों की समीक्षा
बैठक में “एक रुपये में स्वच्छता” अभियान के दूसरे चरण में चयनित 100 नई ग्राम पंचायतों की स्थिति की समीक्षा की गई। जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों में आरआरसी सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें से 97 ग्राम पंचायतों में ई-रिक्शा की खरीद भी पूरी कर ली गई है, शेष 3 पंचायतों को जल्द ही प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए।
स्वच्छता ऑडिट बैठक जल्द हो पूरी
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि काकोरी की 2 ग्राम पंचायतों और मोहनलालगंज की 1 ग्राम पंचायत में लंबित स्वच्छता ऑडिट बैठक को आगामी 28 जुलाई तक हर हाल में संपन्न कराया जाए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था का आंकलन और सुधार कार्य और बेहतर हो सकेगा।
कार्मिकों की नियुक्ति और ई-रिक्शा संचालन सुनिश्चित करें
बैठक में जिलाधिकारी विशाख जी. ने जोर दिया कि सभी नई चयनित ग्राम पंचायतों में आरआरसी केंद्रों का संचालन सुचारु रूप से हो। इसके लिए कार्मिकों की नियुक्ति अनिवार्य रूप से की जाए। साथ ही सभी खंड विकास अधिकारियों और सहायक विकास अधिकारी पंचायत को निर्देशित किया गया कि एक सप्ताह के भीतर ई-रिक्शा संचालन और सेग्रीगेशन स्टाफ की व्यवस्था पूरी की जाए।
जन भागीदारी से ही संभव होगी सफाई क्रांति: जिलाधिकारी
डीएम विशाख जी. ने कहा कि स्वच्छता सिर्फ सरकारी योजनाओं से संभव नहीं, इसमें जनता की भागीदारी सबसे जरूरी है। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक पंचायत में जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं ताकि लोग अपने स्तर पर भी स्वच्छता को अपनाएं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अजय जैन, जिला पंचायत राज अधिकारी, सभी खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत, सचिव और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।