नई दिल्ली। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत से आई एक खौफनाक खबर ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। यहां क्वेटा के पास एक प्रेमी जोड़े की सिर्फ इसलिए बेरहमी से हत्या कर दी गई क्योंकि उन्होंने अपनी मर्जी से शादी की थी। बानो बीबी नाम की महिला और उसके प्रेमी अहसान उल्लाह को कबीलाई परंपराओं के खिलाफ जाकर शादी करना भारी पड़ गया।
बानो और अहसान को कबीले के लोगों ने एक सुनसान पहाड़ी इलाके में गोलियों से भून दिया। ये ऑनर किलिंग (इज्जत के नाम पर हत्या) इतनी निर्मम थी कि उसका वीडियो देखकर हर कोई सन्न रह गया। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, पाकिस्तान से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक हंगामा मच गया।
ईद से तीन दिन पहले हुई थी हत्या
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना मई 2025 में ईद-उल-अजहा से तीन दिन पहले की है। वीडियो में बानो बीबी सिर पर शॉल ओढ़े हुए और हाथ में कुरान की प्रति लिए रेगिस्तानी पहाड़ी की तरफ जाती नजर आती हैं। वह अपनी स्थानीय भाषा ब्राहवी में कहती हैं – “मेरे साथ सात कदम चलो, फिर तुम मुझे गोली मार सकते हो।” उनके इतना कहते ही एक व्यक्ति ने उन्हें गोली मार दी। तीसरी गोली लगते ही बानो गिर पड़ीं।
इसके बाद उनके पति अहसान उल्लाह को भी वहीं गोलियों से छलनी कर दिया गया। मौके पर मौजूद भीड़ तमाशबीन बनी रही। किसी ने भी उन्हें बचाने की कोशिश नहीं की।
बानो की आखिरी बात: “तुम सिर्फ मुझे गोली मार सकते हो”
इस भयावह वीडियो में बानो की एक और बात सामने आई जो उसकी हिम्मत और मजबूती को दर्शाती है – “तुम सिर्फ मुझे गोली मार सकते हो, इससे ज़्यादा कुछ नहीं।” हालांकि यह वाक्य पूरी तरह से किस संदर्भ में कहा गया, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन इसने लोगों के दिलों को छू लिया है।
कबीलाई फरमान बना मौत का कारण
इस मामले में पुलिस ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बानो का भाई और कबीले का सरदार शेरबाज सतकजई शामिल हैं। पुलिस प्रमुख नवेद अख्तर के अनुसार, बानो के भाई ने शादी की शिकायत सरदार से की थी। इसके बाद कबीलाई जिरगा (स्थानीय पंचायत) ने इस जोड़े को ‘काला-कारी’ यानी अनैतिक संबंधों का दोषी ठहराकर मौत की सजा सुनाई थी।
बलूचिस्तान में महिलाओं के हालात बेहद खराब
मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस घटना को बलूचिस्तान में महिलाओं की स्थिति की असल तस्वीर बताया है। ह्यूमन राइट्स कमीशन ऑफ पाकिस्तान (HRCP) के मुताबिक, 2024 में देशभर में ऑनर किलिंग के कम से कम 405 मामले दर्ज हुए, लेकिन असल संख्या इससे कई गुना ज्यादा हो सकती है।
कार्यकर्ता सैमी दीन बलोच का कहना है कि “बलूचिस्तान की महिलाएं दोहरी मार झेल रही हैं – एक तरफ कबीलाई हिंसा, दूसरी तरफ सरकार की चुप्पी।”
मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, लेकिन सवाल बरकरार
वीडियो वायरल होने के बाद बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने मामले की जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है। लेकिन सवाल ये उठ रहा है कि क्या सिर्फ बयानबाज़ी से ऑनर किलिंग जैसे घिनौने अपराध रुकेंगे?
जब तक कबीलाई मानसिकता और महिलाओं के खिलाफ हिंसा को लेकर कठोर कानून नहीं बनाए जाएंगे और उनका सख्ती से पालन नहीं होगा, तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी।
निष्कर्ष: प्यार की सजा मौत क्यों?
बानो और अहसान की यह कहानी सिर्फ एक जोड़े की नहीं है, बल्कि पूरे समाज को आईना दिखाती है। जहां आज के दौर में लोग अपने फैसले खुद लेना चाहते हैं, वहीं कुछ इलाकों में यह आज भी जानलेवा हो सकता है। यह घटना न सिर्फ पाकिस्तान की व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि पूरी दुनिया को सोचने पर मजबूर करती है – क्या प्यार करना गुनाह है?