देश विदेश जनसम्पर्क उत्तरप्रदेश मौसम सक्सेस स्टोरी खेल एजुकेशन कृषि राशिफल धर्म

organic fertilizer कृषि विभाग की लापरवाही से किसानों को नहीं मिल पा रहा योजनाओं का लाभ, रखी-रखी खराब हो गई दवाई और खाद

organic fertilizer कोंडागांव जिले के ग्राम मुनगापदर में कृषि विभाग की लापरवाही उजागर हुई है। किसानों के लिए आई जैविक खाद और दवाई हितग्राहियों तक नहीं पहुंची और रखी-रखी खराब हो गई। गांव के युवक ने वीडियो वायरल कर अधिकारियों पर सवाल खड़े किए।

organic fertilizer

कोंडागांव। organic fertilizer किसानों की जिंदगी संवारने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन जब इन योजनाओं को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारी और कर्मचारी ही लापरवाह हो जाएं, तो मेहनतकश किसानों को उसका फायदा कैसे मिलेगा? ऐसा ही एक मामला कोंडागांव जिले के ग्राम मुनगापदर से सामने आया है, जहां कृषि विभाग की लापरवाही के कारण किसानों तक दवाई और जैविक खाद नहीं पहुंच पाई।

मामले का खुलासा तब हुआ जब गांव के एक जागरूक युवक पीला सिंह पोयाम ने रखी हुई खराब दवाई और खाद का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद पूरे इलाके में विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। organic fertilizer

खेतों तक नहीं पहुंच पाई जैविक खाद और दवाइयां

जानकारी के अनुसार, शासन की ओर से किसानों को जैविक खाद और कृषि दवाइयां वितरण के लिए भेजी गई थीं। लेकिन ग्राम मुनगापदर में इन सामग्रियों को समय पर हितग्राहियों को नहीं बांटा गया। नतीजा यह हुआ कि ये सामग्री महीनों तक गोदाम में रखी-रखी खराब हो गई। कई बोरे और दवाई के कंटेनर अब अनुपयोगी हो चुके हैं। organic fertilizer

किसानों का कहना है कि अगर समय पर खाद और दवाइयां मिल जातीं, तो उनकी फसलों में काफी सुधार होता और नुकसान से बचा जा सकता था। अब जब सामग्री बेकार हो चुकी है, तो किसानों का भरोसा विभाग पर से उठता नजर आ रहा है। organic fertilizer

जागरूक युवक ने किया खुलासा, वायरल हुआ वीडियो

गांव के ही निवासी पीला सिंह पोयाम ने बताया कि उसने जब देखा कि खाद और दवाइयां लंबे समय से वितरण के बिना रखी हुई हैं, तो उसे शक हुआ। जांच करने पर मालूम पड़ा कि यह सामग्री किसानों के लिए आई थी, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते किसी को नहीं दी गई। इसके बाद उसने सच्चाई का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। organic fertilizer

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कई थैले और कंटेनर खराब हालत में पड़े हैं। कुछ बोरे फट चुके हैं, तो कुछ में नमी लग चुकी है। यही नहीं, कुछ दवाइयों की एक्सपायरी डेट भी निकल चुकी है। organic fertilizer

किसानों में नाराजगी, बोले – ‘हमसे वादा किया पर फायदा नहीं मिला’

ग्रामीणों का कहना है कि विभाग के अधिकारी हर साल योजनाओं का वादा तो करते हैं, लेकिन जब जरूरत होती है, तब किसान अकेले रह जाते हैं। कई किसानों ने बताया कि उन्होंने इस बारे में कृषि विभाग के स्थानीय कर्मचारियों से भी शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। organic fertilizer

एक किसान ने कहा, “सरकार किसानों की भलाई के लिए कितनी ही योजनाएं बनाए, अगर उन्हें सही समय पर लागू नहीं किया गया तो सब बेकार है।” organic fertilizer

अधिकारियों ने नहीं उठाया फोन, विभाग की चुप्पी बरकरार

इस मामले में जब मीडिया द्वारा उपसंचालक कृषि कोंडागांव टीपी टांडे से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। उनकी ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान भी नहीं दिया गया है। इससे यह साफ झलकता है कि विभाग इस लापरवाही पर जवाब देने से बच रहा है।

ग्रामीणों की मांग है कि इस मामले में जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

शासन की योजनाएं कागजों में सीमित

यह कोई पहला मामला नहीं है। राज्य के कई इलाकों से आए दिन ऐसी शिकायतें सामने आती रहती हैं, जहां किसान योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे। कभी खाद वितरण में देरी होती है, तो कभी सिंचाई या बीज की व्यवस्था समय पर नहीं होती। शासन के करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद नतीजे धरातल पर दिखाई नहीं देते।

https://dainikhistory.com/

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कृषि विभाग समय पर योजनाओं का क्रियान्वयन करे और अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, तो किसान न सिर्फ आत्मनिर्भर बन सकते हैं बल्कि उत्पादन में भी इजाफा होगा। organic fertilizer

अब किसान कर रहे कार्रवाई की मांग

ग्राम मुनगापदर के किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि वे मौके पर जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि भविष्य में किसानों के लिए आई सामग्री समय पर बांटी जाए। किसानों ने यह भी कहा कि अगर जल्द कोई कदम नहीं उठाया गया तो वे सामूहिक रूप से कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपेंगे। organic fertilizer

https://twitter.com/DainikHistory?t=un2EfdiIG8L5BD8EkPp2qg&s=08

कुल मिलाकर यह मामला बताता है कि अगर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही जारी रही, तो किसानों के हालात बदलने के बजाय और बिगड़ सकते हैं। जरूरत है कि ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई हो और जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाए।

[URIS id=5981]

Join WhatsApp

Join Now

- Join Arattai

Join Now

और पढ़ें

Agriculture Baler Machine

Agriculture Baler Machine कृषि बेलर मशीन से किसानों को बड़ी मदद, पराली जलाने की समस्या का स्थायी समाधान

Agriculture Fraud

Agriculture Fraud भानपुरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 33 टन मक्का लेकर भागा ट्रक चालक गिरफ्तार, ट्रक व माल जब्त

Paddy purchase centers

Paddy purchase centers UP में धान खरीद का दौर तेज, किसानों का बढ़ता पंजीकरण और खरीद केंद्रों पर बेहतर सुविधाएं, सरकार ने 4143 क्रय केंद्र बनाए, पंजीकरण और धान खरीद दोनों में तेजी

Modern Farming

Modern Farming उन्नत कृषि प्रदर्शनी: आलोर में किसानों को नई तकनीक व गुणवत्तापूर्ण बीज की जानकारी

Illegal Paddy Transport

Illegal Paddy Transport जगदलपुर कलेक्टर हरिस एस का निर्देश: अवैध धान परिवहन पर मंडी अधिनियम के तहत हो सख्त कार्रवाई

Kondagaon rainfall loss

Kondagaon rainfall loss चेरंग में बारिश बनी आफत: छह किसानों की धान फसल पूरी तरह बर्बाद, मुआवजे की गुहार 2025

Leave a Comment

error: Content is protected !!