कोंडागांव :- (Agriculture Baler Machine) जिले के ग्राम बोरगांव स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) लगातार किसानों को नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। इसी क्रम में धान कटाई के बाद खेत में बचे पैरा (फसल अवशेष) का सही प्रबंधन करने और पशुओं को सालभर चारा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बड़ेडोंगर क्षेत्र में किसानों के खेतों में कृषि बेलर मशीन का प्रदर्शन किया गया।
यह पहल किसानों के लिए एक राहत की खबर साबित हो रही है, क्योंकि आमतौर पर किसान पैरा जलाने को मजबूर हो जाते हैं, जिससे पर्यावरण और मिट्टी दोनों को नुकसान होता है। (Agriculture Baler Machine)
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पराली प्रबंधन से पर्यावरण को बड़ी सुरक्षा
कृषि विज्ञान केंद्र की विषय विशेषज्ञ (कृषि मशीनरी एवं शक्ति अभियांत्रिकी) डॉ. प्रिया सिन्हा ने किसानों को समझाया कि बेलर मशीन की मदद से खेत में फैले पैरा को बहुत कम समय में एकत्र कर बण्डल बनाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि: (Agriculture Baler Machine)
- पैरा जलाने से वायु में जहरीला धुआं फैलता है
- मिट्टी के पोषक तत्व नष्ट होते हैं
- पारिस्थितिकी तंत्र पर बुरा असर पड़ता है
जबकि पैरा को बण्डल बनाकर सुरक्षित रखना पर्यावरण के लिए अच्छा है और किसान इसे पशुओं के चारे के रूप में लंबे समय तक उपयोग कर सकते हैं। (Agriculture Baler Machine)
मेहनत और समय दोनों की बचत
केंद्र के प्रमुख और वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सुरेश कुमार मरकाम ने बताया कि कृषि बेलर मशीन आधुनिक तकनीक से युक्त एक उपयोगी उपकरण है। यह खेत में बिखरी पराली को गोल या चौकोर बण्डल के रूप में तैयार करती है।
इसके फायदे:
- खेत जल्द साफ हो जाता है
- मजदूरी की लागत कम हो जाती है
- तुरंत अगली फसल की तैयारी की जा सकती है
- पैरा का भंडारण और परिवहन आसान हो जाता है
यानी यह मशीन किसानों की मेहनत कम करती है और उत्पादन बढ़ाने में मदद करती है।
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मिट्टी की उर्वरता बचाने में कारगर
सस्य विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. बी.के. ठाकुर ने किसानों को बताया कि पराली जलाने से मिट्टी में मौजूद नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और अन्य जरूरी तत्व नष्ट हो जाते हैं। (Agriculture Baler Machine)
उन्होंने कहा:
“यदि किसान पैरा जलाने की बजाय बेलर मशीन का उपयोग करेंगे तो न केवल प्रदूषण कम होगा बल्कि मिट्टी की सेहत भी बनी रहेगी।”
अर्थात यह तकनीक आगे आने वाली फसलों की पैदावार बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।
पशुधन के लिए बेहतर चारा और कमाई का भी साधन
पशुधन उत्पादन प्रबंधन विशेषज्ञ डॉ. हितेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पैरा के बण्डल को सूखे चारे के रूप में सुरक्षित रखा जा सकता है। (Agriculture Baler Machine)
इसके लाभ:
- कम जगह में ज्यादा चारा संग्रह संभव
- गर्मी और बरसात में भी पशुओं को भोजन उपलब्ध
- यूरिया ट्रीटमेंट से पौष्टिकता बढ़ाई जा सकती है
- पैरा बण्डल को बेचकर अतिरिक्त आय कमाई जा सकती है
यानी यह सिर्फ चारा नहीं, बल्कि किसानों के लिए नई कमाई का जरिया भी है।
किसानों में बढ़ी उत्सुकता
प्रदर्शन के दौरान उपस्थित किसानों ने मशीन के काम को करीब से देखा और इसकी उपयोगिता पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। कई किसानों ने बताया कि पैरा को जलाने की समस्या अब खत्म हो सकती है और पशुपालन वाले किसानों के लिए यह तकनीक बेहद मददगार है। (Agriculture Baler Machine)
कोंडागांव में कृषि बेलर मशीन का सफल प्रदर्शन साबित करता है कि यदि किसान आधुनिक तकनीक का सही उपयोग करें, तो:
- पराली जलाने की समस्या खत्म होगी
- पर्यावरण सुरक्षित रहेगा
- मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी
- किसानों की आमदनी बढ़ेगी
- पशुपालन को मजबूती मिलेगी
कृषि विज्ञान केंद्र की यह पहल जिले में टिकाऊ कृषि की दिशा में एक बड़ी सकारात्मक कदम है, जो आने वाले समय में कई किसानों की जिंदगी बदल सकती है। (Agriculture Baler Machine)