सय्यद आफताब अली , शाजापुर जिले की कृषि उपज मंडी एक बार फिर सुर्खियों में है। प्याज और लहसुन के व्यापारियों के साथ किसानों ने मंडी की अव्यवस्थाओं को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। गुस्साए किसानों ने मंडी के सामने ही शहरी हाईवे पर जाम लगा दिया, जिससे आवाजाही घंटों तक प्रभावित रही।
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और अफसरों ने किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन नाराज किसान और व्यापारी सड़क पर बैठकर नारेबाजी करते रहे।
किसानों और व्यापारियों का आरोप – “टैक्स लेते हैं, सुविधा नहीं देते”
प्रदर्शन में शामिल एक प्याज व्यापारी ने बताया कि मंडी प्रशासन उनसे बाकायदा 1% टैक्स लेता है, लेकिन इसके बदले सुविधाएं नहीं दी जातीं। मंडी परिसर में बने शेड महीनों से दूसरे व्यापारियों के अनाज से भरे पड़े हैं, जिसके चलते प्याज और लहसुन खुले में रखने पड़ते हैं। खुले में रखे प्याज बारिश और नमी से खराब हो रहे हैं, जिससे किसानों को उचित दाम भी नहीं मिल पा रहा है।
व्यापारियों ने कहा कि मंडी में गाड़ियों की आवाजाही भी ठीक से नहीं हो पाती। आए दिन जाम की स्थिति बनती है। हाल ही में एक किसान को मंडी परिसर में ही हार्ट अटैक आया था, लेकिन जाम की वजह से समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। इस घटना ने किसानों का गुस्सा और बढ़ा दिया है।
मंडी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
किसानों और व्यापारियों का कहना है कि मंडी प्रबंधन पूरी तरह से लापरवाह है। मंडी से जुड़े मुद्दों को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मंडी प्रशासन सिर्फ टैक्स वसूलने में सक्रिय है, लेकिन किसान और व्यापारी हित की नीतियों को लागू करने में बिल्कुल नाकाम रहा है।
प्रशासन की समझाइश के बाद खुला जाम
मंडी के बाहर घंटों तक चले हंगामे के बाद आखिरकार तहसीलदार और कोतवाली थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों और व्यापारियों से चर्चा की और आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द किया जाएगा। इसके बाद मंडी का गेट खुलवाया गया और हाईवे से जाम हटवाया गया।
किसानों का कहना – “सुविधाएं दो, वरना आंदोलन जारी रहेगा”
प्रदर्शनकारी किसानों ने साफ कहा कि अगर जल्द ही मंडी की व्यवस्थाएं सुधारी नहीं गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसानों का कहना है कि मंडी प्रदेश की सबसे बड़ी लहसुन और प्याज मंडियों में से एक है, लेकिन यहां की व्यवस्था किसान और व्यापारी दोनों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।
आखिर किसान ही क्यों परेशान?
यह सवाल हर किसान के मन में है कि जब सरकार और प्रशासन किसानों के लिए योजनाएं चला रहे हैं, तब मंडियों की स्थिति बद से बदतर क्यों है? शाजापुर जैसे बड़े मंडी केंद्र में अगर सुविधाएं नहीं होंगी, तो छोटे किसानों और व्यापारियों का क्या होगा? किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर मंडी की स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो उन्हें फिर से सड़क पर उतरना पड़ेगा।