नई दिल्ली। पाकिस्तान ने अपनी एयरस्पेस को बंद करने का फैसला किया है, जिससे साफ है कि उन्हें भारत की ओर से किसी बड़े खतरे का अंदेशा है। 16 से 23 जुलाई तक उनकी सेंट्रल और साउथ सेक्टर की एयरस्पेस पूरी तरह से बंद रहेगी। इसके लिए उन्होंने नोटम भी जारी कर दिया है। ये सब देखकर लगता है कि पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ गई है, खासकर अमेरिका द्वारा द रेजिस्टेंस फ्रंट पर प्रतिबंध लगाने के बाद। अब सबकी नजरें इस पर हैं कि आगे क्या होता है।
चीन की भूमिका पर चिंता
हाल ही में पाकिस्तान में चीनी कार्गो विमानों की आवाजाही देखी गई, जिससे ये कयास लगाए जा रहे हैं कि चीन ने पाकिस्तान को नई हथियार प्रणाली और एयर डिफेंस सिस्टम की सप्लाई की है। इसकी बड़ी वजह यह भी हो सकती है कि 6 से 10 मई के बीच भारत द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों, एयरबेस, रडार और डिफेंस सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचाया गया था।
लश्कर-ए-तैयबा का ठिकाना बदलने की कवायद
इसी कड़ी में अब यह खबर भी सामने आई है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने लश्कर-ए-तैयबा का हेडक्वार्टर मुरीदके से बहावलपुर शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। 1980 के दशक से लश्कर का मुख्यालय पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुरीदके में था, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान यहां भारी तबाही मचाई गई थी। भारतीय वायुसेना की मिसाइल स्ट्राइक ने लश्कर के हेडक्वार्टर को बुरी तरह तहस-नहस कर दिया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, लश्कर के ठिकानों के भीतर ISI का फील्ड ऑफिस भी सक्रिय था, जिसे ऑपरेशन सिंदूर में भारी नुकसान हुआ। अब बहावलपुर में लश्कर की गतिविधियां शुरू हो गई हैं और वहां नए पोस्टर भी लगाए गए हैं। इससे साफ है कि लश्कर फिर से अपनी जड़ें मजबूत करने की कोशिश में है।
नाम बदलकर दुनिया को धोखा देने की ISI की पुरानी चाल फिर दोहराई गई
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को आतंकवादी संगठनों के नाम बदलकर उन्हें नया चेहरा देने की पुरानी आदत है। मुंबई में 26/11 हमलों के बाद जब लश्कर-ए-तैयबा पर अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंध लगाया था, तो ISI ने उसे जमात-उद-दावा के नाम से दोबारा सामने ला दिया था। अब उसी फॉर्मूले को फिर से अपनाते हुए, ISI ने कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को ‘स्थानीय आंदोलन’ दिखाने के लिए लश्कर को TRF (द रेसिस्टेंस फ्रंट) के नाम से पेश किया है। इस नाम से ऐसा दिखाने की कोशिश की गई कि यह कोई स्थानीय संगठन है, जबकि असल में यह भी लश्कर का ही नया नकाब है।
हालांकि अब अमेरिका ने TRF को भी प्रतिबंधित आतंकी संगठन घोषित कर दिया है, जिससे पाकिस्तान की रणनीति एक बार फिर बेनकाब हो गई है।
भारत की चेतावनी से खौफ में पाकिस्तान
भारत पहले ही साफ कर चुका है कि ऑपरेशन सिंदूर को खत्म नहीं, सिर्फ रोका गया है। ऐसे में पाकिस्तान को डर है कि भारत किसी भी वक्त एक और एयर स्ट्राइक कर सकता है। यही वजह है कि उसने अपने एयरस्पेस को नोटम जारी करके बंद कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ISI लश्कर का हेडक्वार्टर शिफ्ट करके दुनिया को यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि अब वह संगठन निष्क्रिय हो चुका है। लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। आतंक फैलाने की उसकी मंशा अब भी कायम है, बस तरीका बदल गया है।