श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर रिसीवर समिति के साथ हुई अहम चर्चा
बरसाना, मथुरा। राधा रानी की नगरी बरसाना में हरियाली तीज महोत्सव को लेकर तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। मंगलवार को नवागत गोवर्धन SDM प्राजक्ता त्रिपाठी ने लाडली जी मंदिर स्थित रिसीवर कार्यालय में बैठक कर उत्सव की व्यवस्थाओं को लेकर गहन मंथन किया। बैठक में तहसीलदार सुशील गुप्ता, मंदिर रिसीवर समिति के सदस्य और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान SDM ने पहले मंदिर पहुंचकर राधारानी के दर्शन किए और फिर मंदिर रिसीवर समिति के सदस्यों से उत्सव की पारंपरिक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। समिति की ओर से डॉ. यज्ञपुरुष गोस्वामी और मधुमंगल गोस्वामी ने हरियाली तीज की परंपरा और विशेषताओं के बारे में विस्तार से बताया।
पालकी में आएंगी राधारानी, होगा पारंपरिक गायन
बैठक में बताया गया कि हरियाली तीज के अवसर पर राधारानी की पालकी निकाली जाती है, जो सफेद छतरी तक लाई जाती है। इस दौरान डीजे की मधुर ध्वनि के साथ राधा रानी की झांकी सजाई जाती है। पालकी के साथ-साथ गोस्वामी समाज पारंपरिक तीज पदों का सामूहिक गायन करता है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है।
श्रद्धालु सफेद छतरी के नीचे राधारानी के दर्शन करते हैं और उनकी कृपा पाने के लिए दूर-दूर से बरसाना आते हैं। इस बार भी बड़ी संख्या में दर्शनार्थियों के पहुंचने की उम्मीद है।
वन-वे दर्शन व्यवस्था पर हुआ मंथन
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस बार वन-वे दर्शन व्यवस्था लागू करने की योजना है, ताकि भीड़ को सुचारू रूप से नियंत्रित किया जा सके और कोई अव्यवस्था न फैले। SDM ने साफ तौर पर निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
तहसीलदार सुशील गुप्ता ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई और ट्रैफिक कंट्रोल को लेकर सभी संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए जा रहे हैं। इसके साथ ही पानी, शौचालय, मेडिकल सहायता और पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाओं को भी दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है।
फूलों से सजेगी सफेद छतरी, बजेगी शहनाई
मंदिर रिसीवर आशीष कृष्ण गोस्वामी और सुशील गोस्वामी ने बताया कि हरियाली तीज का आयोजन बरसाना के दो बड़े उत्सवों में से एक होता है। इस दिन मंदिर परिसर की सफेद छतरी को खास फूलों से सजाया जाता है और संध्या काल में शहनाई वादन होता है। राधारानी लगभग डेढ़ से दो घंटे तक इस छतरी के नीचे भक्तों को दर्शन देती हैं।
बाद में राधारानी की पालकी पुनः मंदिर लौटती है और ठाकुरजी के साथ मंदिर में विराजमान होती हैं। यह पूरा दृश्य अत्यंत भव्य और आध्यात्मिक होता है, जो हर भक्त के मन को छू जाता है।
एसडीएम प्राजक्ता त्रिपाठी का निर्देश: हरियाली तीज के लिए बरसाना में पुख्ता इंतजाम
एसडीएम प्राजक्ता त्रिपाठी ने बरसाना में आगामी हरियाली तीज उत्सव के लिए व्यापक तैयारियों के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बरसाना एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल है, और इसलिए हरियाली तीज जैसे उत्सव को पूरी गरिमा और सुचारु व्यवस्था के साथ मनाया जाना चाहिए।
एसडीएम त्रिपाठी ने मंदिर समिति से सुझाव लिए और स्थानीय प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी श्रद्धालुओं को शांतिपूर्ण और भक्तिमय वातावरण में दर्शन करने की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उत्सव के दौरान किसी भी भक्त को असुविधा न हो और वे पूरी श्रद्धा के साथ पर्व मना सकें।
निष्कर्ष:
हरियाली तीज महोत्सव सिर्फ एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि राधारानी के प्रति श्रद्धा और प्रेम का प्रतीक है। बरसाना में हर साल यह महोत्सव भक्तों के लिए किसी पर्व से कम नहीं होता। इस बार प्रशासन की सक्रियता से उम्मीद की जा रही है कि आयोजन और भी भव्य, सुव्यवस्थित और भक्तिमय होगा।