गोवर्धन, मथुरा: ब्रजभूमि में हरियाली तीज का त्योहार हमेशा से ही बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता रहा है. इस दिन सुहागिन महिलाएँ हरे रंग की साड़ी पहनकर, सोलह श्रृंगार करके इस पर्व को मनाती हैं. ब्रज के मंदिरों में तो राधा-कृष्ण को झूले पर बैठाकर झुलाने की परंपरा है. लेकिन इस बार गोवर्धन में एक नई पहल देखने को मिली – तहसील परिसर में पहली बार ‘हरियाली तीज महोत्सव’ का आयोजन किया गया, जिसने सभी का दिल जीत लिया.
उप जिलाधिकारी ने की अनूठी पहल
गोवर्धन तहसील प्रांगण में रविवार को उप जिलाधिकारी (SDM) प्रजाक्ता त्रिपाठी के नेतृत्व में ‘तीज महोत्सव’ का शानदार आयोजन किया गया. यह गोवर्धन तहसील क्षेत्र में अपनी तरह का पहला आयोजन था, जिसने सभी को हैरान और खुश कर दिया.
इस खास मौके पर, ग्रामीण इलाकों से आईं महिलाओं को मेहंदी लगाई गई और उन्हें तोहफे के रूप में ‘सुहाग किट’ भी बांटी गईं. महिलाओं को मेहंदी लगाते देख और सुहाग किट पाकर उनके चेहरे खिल उठे. इस अनूठे महोत्सव को देखकर सभी महिलाएँ बेहद खुश नज़र आईं. उप जिलाधिकारी प्रजाक्ता त्रिपाठी ने खुद महिलाओं को झूला भी झुलाया, जिससे कार्यक्रम में चार चाँद लग गए.
ब्रज की संस्कृति और त्योहार का उत्साह
हरियाली तीज का त्योहार भगवान शिव और देवी पार्वती के मिलन का प्रतीक है. यह सावन के महीने में आता है, जब चारों ओर हरियाली छाई रहती है. ब्रज में इस त्योहार की अपनी एक खास पहचान है. महिलाएँ इस दिन व्रत रखती हैं, अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हैं. घरों में पकवान बनते हैं और झूलों पर झूलने का रिवाज़ भी है.
इस बार तहसील परिसर में इस आयोजन से यह त्योहार और भी ख़ास बन गया. उप जिलाधिकारी प्रजाक्ता त्रिपाठी ने मीडिया टीम को जानकारी देते हुए बताया कि इस तरह के आयोजन से ग्रामीण महिलाओं को एक साथ आने और अपनी संस्कृति को मनाने का मौका मिलता है. यह उन्हें सरकारी दफ्तरों से भी जोड़ता है और एक सकारात्मक माहौल बनाता है.
खुशी और उत्साह से भरा माहौल
पूरा तहसील परिसर हरे रंग की साड़ियों में सजी महिलाओं की भीड़ से जगमगा रहा था. महिलाओं के बीच मेहंदी लगाने और झूला झूलने को लेकर काफी उत्साह था. उन्होंने इस पहल के लिए उप जिलाधिकारी प्रजाक्ता त्रिपाठी का धन्यवाद किया और कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण महिलाओं के लिए बहुत मायने रखते हैं. यह उन्हें रोज़मर्रा की भागदौड़ से हटकर खुशी के कुछ पल बिताने का मौका देता है.
गोवर्धन तहसील में हुए इस हरियाली तीज महोत्सव ने न केवल त्योहार की परंपरा को आगे बढ़ाया, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच एक मधुर संबंध स्थापित करने में भी मदद की. उम्मीद है कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन होते रहेंगे जो सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखें और लोगों को एकजुट करें.