देवरी। Truck overturned to save the calf नेशनल हाईवे-45 पर हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। ताजा मामला मंगलवार तड़के सामने आया जब भोपाल से जबलपुर जा रहा एक ट्रक अलीवाड़ा मोड़ के पास बेकाबू होकर पलट गया। हादसा उस समय हुआ जब चालक ने सड़क पर बैठे एक बछड़े को बचाने की कोशिश की। गनीमत रही कि इस घटना में ट्रक चालक और परिचालक सुरक्षित बच गए, लेकिन दुर्भाग्य से बछड़े की मौत हो गई।
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कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, ट्रक में मुर्गी दाना भरा हुआ था और यह भोपाल से जबलपुर की ओर जा रहा था। सुबह करीब 3 बजे जब ट्रक देवरी क्षेत्र के अलीवाड़ा मोड़ पर पहुंचा, तभी सड़क पर अचानक एक बछड़ा दिखाई दिया। चालक ने तुरंत ब्रेक लगाने और दिशा बदलने की कोशिश की, लेकिन ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ट्रक का पिछला पहिया उसी बछड़े पर चढ़ गया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
कोई जनहानि नहीं, लेकिन बड़ा खतरा टला
हादसा इतना गंभीर था कि ट्रक पलटने के बाद उसका सामान सड़क पर बिखर गया। इसके बावजूद गनीमत रही कि चालक और अन्य किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई। सुबह-सुबह सड़क पर कम ट्रैफिक होने के कारण बड़ा हादसा टल गया, वरना स्थिति और भी भयावह हो सकती थी।
Truck overturned to save the calf
लगातार हो रहे हादसे, प्रशासन पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहला मामला नहीं है। नेशनल हाईवे-45 पर आए दिन इस तरह के हादसे हो रहे हैं। सड़क पर बेसहारा गाय और बछड़े बैठे रहते हैं, जिन्हें रोकने के लिए प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
लोगों का आरोप है कि कलेक्टर के निर्देशों के बावजूद आवारा पशुओं को सड़क से हटाने की जिम्मेदारी सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। यही वजह है कि एक ही दिन में तीन-चार जगह इस तरह की दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान भी जा चुकी है।
यात्रियों की जान पर बन रही है बात
नेशनल हाईवे-45 मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां दिन-रात हजारों वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क पर जानवरों की मौजूदगी हादसों को न्योता देती है। आए दिन होने वाले इन हादसों से वाहन चालकों और यात्रियों की जान पर लगातार खतरा बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को समय रहते इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। सड़क पर बैठने वाले मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए और ट्रैफिक पुलिस को सक्रिय किया जाए।
ग्रामीणों की नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस समस्या को प्रशासन के सामने रखा गया, लेकिन आज तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं। हादसों में अब तक कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और कई घायल हुए हैं। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो ऐसी घटनाएं आम बात हो जाएंगी।
क्या कहना है जिम्मेदारों का?
इस मामले में प्रशासनिक अधिकारी लगातार यह दावा करते रहे हैं कि सड़कों पर पशुओं को रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन घटनाओं की हकीकत उनके दावों की पोल खोल रही है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई नहीं की गई तो यात्रियों की सुरक्षा खतरे में बनी रहेगी।