औबेदुल्लागंज: मध्यप्रदेश शिक्षक संघ ने शिक्षा को नए आयाम देने और विद्यालयों को गर्व का केंद्र बनाने के लिए एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का नाम है – “हमारा विद्यालय, हमारा स्वाभिमान”। पूरे प्रदेश में 1 सितंबर को एक साथ यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें हर स्कूल में प्रार्थना सभा के दौरान शिक्षक और विद्यार्थी 5 खास संकल्प लेंगे, जिनसे विद्यालय का वातावरण और भी प्रेरणादायक और अनुशासित बनेगा।
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ये होंगे 5 बड़े संकल्प
विद्यालय को स्वच्छ और अनुशासित रखना – हर छात्र-शिक्षक यह प्रण लेगा कि स्कूल का वातावरण साफ-सुथरा और अनुशासनपूर्ण बना रहे। The picture of schools will change
हरित और प्रेरणास्पद विद्यालय – विद्यालय परिसर को हरियाली और सकारात्मक माहौल से भरना।
विद्यालय संपदा और समय को राष्ट्रधन मानना – स्कूल की संपत्ति और संसाधनों की सुरक्षा करना और समय का सम्मान करना।
समभाव का वातावरण बनाना – बिना भेदभाव सभी के साथ समान व्यवहार रखना।
शिक्षा को केवल ज्ञान नहीं बल्कि चरित्र निर्माण और समाज सेवा का साधन मानना – विद्यालय को सेवा और संस्कार का तीर्थ मानते हुए उसका गौरव बढ़ाना। The picture of schools will change
पोस्टर हुए जारी
इस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मध्यप्रदेश शिक्षक संघ ब्लॉक अध्यक्ष दिलीप भार्गव ने बताया कि प्रांतीय और संभागीय नेतृत्व से प्राप्त निर्देशों के तहत ब्लॉक के लगभग सभी विद्यालयों तक इन संकल्पों के पोस्टर 1 सितंबर से पहले पहुंचा दिए जाएंगे। ताकि हर शिक्षक और छात्र इस मुहिम का हिस्सा बन सके। The picture of schools will change
इसी कड़ी में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी शिवनारायण चौहान और ब्लॉक स्त्रोत केंद्र समन्वयक सतीश कुशवाह ने इस अभियान से जुड़े पोस्टरों का विमोचन किया। The picture of schools will change
शिक्षा को संस्कार और सेवा से जोड़ने की पहल
कार्यक्रम का मकसद सिर्फ शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे संस्कार, आत्मविकास और समाज सेवा से जोड़ना है। शिक्षक संघ का मानना है कि विद्यालय केवल पढ़ाई-लिखाई का स्थान नहीं बल्कि ऐसा तीर्थ होना चाहिए, जहां से संस्कार, सेवा और समर्पण की भावना समाज तक पहुंचे। The picture of schools will change
मौजूद रहे कई गणमान्य
पोस्टर विमोचन कार्यक्रम के दौरान संतोष प्रधान, सुनील श्रीवास्तव, राधेश्याम चौधरी, ओमप्रकाश मालवीय, दिनेश चौकसे, एल.एल. बंदरेले, संतोष वर्मा, रामनारायण नामदेव, बसंत राठौर और विष्णु गौर सहित कई शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।https://dainikhistory.com/
अभियान से क्या बदलेगा?
विद्यालयों का वातावरण साफ और प्रेरणादायक होगा।
छात्र-छात्राओं में अनुशासन और समाज सेवा की भावना बढ़ेगी।
स्कूल संपत्ति और संसाधनों की देखरेख बेहतर तरीके से होगी।
हर बच्चा शिक्षा को केवल पढ़ाई नहीं बल्कि जीवन मूल्यों से जोड़ेगा।
“हमारा विद्यालय, हमारा स्वाभिमान” अभियान मध्यप्रदेश में शिक्षा को नई दिशा देने का प्रयास है। यह पहल न सिर्फ विद्यार्थियों में जिम्मेदारी और संस्कार की भावना जगाएगी, बल्कि समाज में भी शिक्षा का महत्व और बढ़ाएगी। 1 सितंबर को पूरे प्रदेश के विद्यालय इस कार्यक्रम का हिस्सा बनकर शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और सेवा का संदेश देंगे। The picture of schools will change