स्वतंत्रता दिवस का जश्न इस बार सिर्फ तिरंगा फहराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ स्वच्छता और धरोहर संरक्षण का संदेश भी जोड़ा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान जोर-शोर से चल रहा है। इस साल की थीम “स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग” है, और इसी क्रम में मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड ने रायसेन जिले के प्रसिद्ध भोजपुर मंदिर में एक विशेष स्वच्छता अभियान आयोजित किया।
(The Madhya Pradesh Tourism Board organised a cleanliness programme under the ‘Har Ghar Tiranga’ campaign at the UNESCO-listed Bhojpur temple in Raisen and gave the message of patriotism and heritage conservation.)
भोजपुर मंदिर, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल की अस्थायी सूची में शामिल है, न सिर्फ ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आस्था और सांस्कृतिक धरोहर का अनमोल प्रतीक भी है। सोमवार सुबह यहां एकत्र हुए 100 से अधिक कॉलेज विद्यार्थी और स्थानीय लोग इस अभियान में शामिल हुए।
धरोहर की सफाई और निर्माल्य का वैज्ञानिक प्रबंधन
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने मंदिर परिसर और आसपास फैले निर्माल्य (पूजा सामग्री) और अन्य कचरे को पर्यावरण-अनुकूल तरीके से एकत्रित कर निपटान किया। यह सिर्फ सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों को गीता के कर्मयोग का संदेश भी दिया गया, जिससे यह अभियान सामाजिक और आध्यात्मिक जागरूकता का उदाहरण बन गया।
पर्यटन बोर्ड और स्थानीय समूह का सहयोग
इस स्वच्छता अभियान का संचालन प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति, और प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड श्री शिवशेखर शुक्ला के निर्देशन में हुआ। आयोजन में जंगल ट्रेक ग्रुप ने भी सक्रिय सहयोग दिया।
अधिकारी और विशेषज्ञ भी हुए शामिल
इस अवसर पर डॉ. मनोज कुर्मी, सुप्रिटेंडेंट आर्कियोलॉजिस्ट, भोपाल सर्किल (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण – एएसआई) और के. के. सिंह, सलाहकार, साहसिक पर्यटन, मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड, भी मौजूद रहे। दोनों ने प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों की स्वच्छता और संरक्षण न केवल हमारी जिम्मेदारी है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने का संकल्प भी है।
डॉ. कुर्मी ने कहा कि धरोहर स्थल न केवल हमारी संस्कृति की पहचान हैं, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को हमारे गौरवशाली इतिहास से जोड़ते हैं। वहीं, सिंह ने बताया कि पर्यटन स्थलों की स्वच्छता सीधे वहां आने वाले पर्यटकों के अनुभव को प्रभावित करती है, और यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाती है।
देशभक्ति के साथ स्वच्छता का संकल्प
अभियान में शामिल लोगों ने हाथों में झाड़ू और थैले लेकर परिसर की सफाई करते हुए तिरंगा लहराया। यह नजारा किसी देशभक्ति फिल्म के दृश्य जैसा था, जहां लोग राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदारी के भाव के साथ एकजुट होकर काम कर रहे थे।
प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं स्वच्छता बनाए रखेंगे, बल्कि दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
भोजपुर मंदिर का महत्व
भोजपुर मंदिर, भगवान शिव को समर्पित है और अपने विशाल शिवलिंग के लिए प्रसिद्ध है। इसकी भव्य वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व इसे न सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र बनाते हैं, बल्कि विश्व स्तर पर भारतीय स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण भी प्रस्तुत करते हैं।
संदेश जो पूरे देश में गूंजना चाहिए
यह आयोजन यह साबित करता है कि जब हम धरोहर संरक्षण, स्वच्छता और देशभक्ति को एक साथ जोड़ते हैं, तो इसका असर गहरा और दीर्घकालिक होता है। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत भोजपुर मंदिर से उठी यह पहल निश्चित ही अन्य पर्यटन स्थलों और समुदायों को भी प्रेरित करेगी।