रायसेन में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां तैनात पुलिस आरक्षक अवतार सिंह (उम्र 26 वर्ष) ने अपने सरकारी क्वार्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना बीती देर रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है। फिलहाल इस आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
सरकारी क्वार्टर में मिली लाश
जानकारी के मुताबिक, पुलिस आरक्षक अवतार सिंह रायसेन के कोतवाली के पीछे स्थित सरकारी क्वार्टर में रहते थे। देर रात उन्होंने फांसी का फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। साथी पुलिसकर्मियों को घटना की खबर लगते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और तत्काल उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
ललितपुर के रहने वाले थे अवतार सिंह
अवतार सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के मुल्यता गांव के निवासी थे। उन्होंने 2022 में पुलिस भर्ती पास की थी और 2024 से रायसेन में पदस्थ थे। इन दिनों उनकी पुलिस परेड की प्रैक्टिस भी चल रही थी।
परिवार ने नहीं बताई कोई वजह
इस मामले में एसडीओपी प्रतिभा शर्मा ने बताया कि आरक्षक के परिवार की ओर से अब तक किसी पारिवारिक कारण या अन्य समस्या की जानकारी नहीं दी गई है। पुलिस विभाग की ओर से भी उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं थी। इसलिए फिलहाल आत्महत्या के कारण का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।
फोन की जांच से मिल सकती है अहम जानकारी
पुलिस का कहना है कि अवतार सिंह का मोबाइल फोन लॉक है। उसे अनलॉक कराने के बाद संभव है कि आत्महत्या के कारण से जुड़ी कुछ अहम जानकारी मिल सके। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर औपचारिक कार्यवाही पूरी करते हुए गहन जांच शुरू कर दी है।
सम्मानपूर्वक सौंपा गया शव
घटना के बाद पुलिस ने सभी औपचारिकताएं पूरी करते हुए शव को सम्मानपूर्वक परिजनों के सुपुर्द किया। परिजन शव को लेकर ललितपुर रवाना हो गए हैं।
पुलिस और प्रशासन भी है हैरान
इस घटना ने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर दिया है। जवान और फिट पुलिस आरक्षक का इस तरह अचानक आत्महत्या कर लेना कई सवाल खड़े कर रहा है। साथी कर्मचारी भी इस घटना से स्तब्ध हैं और कह रहे हैं कि उन्होंने अवतार सिंह को हमेशा सामान्य और खुशमिजाज देखा था।
आगे की जांच पर टिकी नजर
पुलिस का कहना है कि जब तक मोबाइल डेटा और अन्य जांच रिपोर्ट सामने नहीं आ जाती, तब तक किसी भी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फिलहाल यह देखना बाकी है कि आखिर एक युवा पुलिस आरक्षक को ऐसा कदम उठाने के पीछे क्या मजबूरी रही।