सिलवानी नगर स्थित शासकीय अनुसूचित जाति उत्कृष्ट बालक छात्रावास इन दिनों भारी अव्यवस्थाओं और अधीक्षक की मनमानी को लेकर सुर्खियों में है। यहां रह रहे छात्रों ने आरोप लगाया है कि उन्हें मीनू के अनुसार खाना नहीं मिलता, अक्सर एक ही सब्जी और जली हुई रोटियां परोसी जाती हैं। इतना ही नहीं, छात्रावास की बदहाल स्थिति देखकर किसी भी संवेदनशील व्यक्ति का मन विचलित हो सकता है—कमरों में गोबर फैला है, गद्दे फटे हुए हैं, पलंग टूटे हैं और आटे में कीड़े तक पाए जा रहे हैं। (Superintendent’s arbitrariness in Silwani hostel, students in pitiable condition | ABVP warns of agitation)
छात्रों की शिकायत है कि अधीक्षक से जब भी इस पर बात की जाती है तो वे गुस्सा हो जाते हैं और बच्चों को ही काम करने के लिए कहते हैं। प्रशासन और उच्चाधिकारियों के संरक्षण के चलते अधीक्षक अपनी मनमानी और तानाशाही रवैया लगातार जारी रखे हुए हैं।
स्वतंत्रता दिवस पर भी भूखे रहे छात्र
15 अगस्त को जब पूरा देश स्वतंत्रता दिवस का जश्न मना रहा था, उसी समय छात्रावास के बच्चे भूख से तड़प रहे थे। दोपहर का भोजन उन्हें देर रात तक नहीं मिला। इस पर जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता रात करीब 10 बजे भाग प्रमुख जय यादव के नेतृत्व में छात्रावास पहुंचे, तो अधीक्षक हरिशरण व्यास ने उनके साथ जमकर विवाद किया।
100 रुपए में 13 छात्रों की सब्जी!
छात्रों ने बताया कि अधीक्षक मात्र 100 रुपए में 13 छात्रों के लिए दिनभर की सब्जी बनवाते हैं। ऐसे में भोजन की गुणवत्ता का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
छात्रावास में गद्दे फटे हुए हैं, पंखे खराब पड़े हैं और बच्चों को टूटे पलंग पर बैठकर ही खाना पड़ता है। पढ़ाई के लिए कोई उपयुक्त व्यवस्था नहीं है। यहां तक कि जब पानी की मोटर जल जाती है तो दो-दो दिन तक उसे ठीक नहीं कराया जाता, जिससे छात्र पानी के लिए परेशान रहते हैं।
पंखे खराब होने पर भी अधीक्षक छात्रों से कहते हैं कि “तुम ही इसे ठीक करो”, जबकि यह काम बेहद खतरनाक है। छात्रों का कहना है कि यदि बिजली का करंट लग गया तो उनकी जान तक जा सकती है।
अधीक्षक की धमकी – “एफआईआर करा दूंगा”
एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें अधीक्षक हरिशरण व्यास छात्रों को धमकी देते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि अगर किसी ने छात्रावास में बाहरी लोगों को बुलाया तो पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
इस धमकी से छात्र और भी सहमे हुए हैं और अपनी समस्याओं को खुलकर सामने रखने से डरते हैं।
ABVP का आंदोलन की चेतावनी
अभाविप के भाग प्रमुख जय यादव ने कहा कि अनुसूचित जाति छात्रावास की स्थिति बेहद दयनीय है। बच्चों को न तो समय पर खाना दिया जा रहा है और न ही रहने-पढ़ने के लिए उचित माहौल। गंदगी, टूटे फर्नीचर, खराब पंखे और खाने में कीड़े जैसी समस्याएं रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी हैं।
जय यादव ने साफ कहा कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और अधीक्षक की मनमानी पर रोक नहीं लगी तो सोमवार से जोरदार आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
दो छात्रावास का चार्ज, फिर भी मनमानी
अधीक्षक हरिशरण व्यास के पास केवल अनुसूचित जाति बालक छात्रावास ही नहीं, बल्कि गांधी आश्रम छात्रावास का प्रभार भी है। अनुसूचित जाति छात्रावास में 50 सीट और गांधी आश्रम छात्रावास में 100 सीट हैं।
जानकारी के मुताबिक, जब व्यास आदिवासी बाहुल्य ग्राम प्रतापगढ़ स्थित छात्रावास में तैनात थे, तब भी उन पर अनियमितताओं और विवादित कार्यशैली के आरोप लगे थे। यहां तक कि एक बार उन्हें निलंबित भी किया जा चुका है। इसके बावजूद अब भी उन्हें दो बड़े छात्रावासों का प्रभार मिला हुआ है, जो गंभीर सवाल खड़े करता है।
अधीक्षक का पक्ष
छात्रावास अधीक्षक हरिशरण व्यास ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि छात्रों को मीनू के अनुसार ही भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है और सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं।
अब निगाहें प्रशासन पर
इस पूरे मामले ने प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोल दी है। सवाल उठ रहा है कि जब हर साल छात्रावासों के रखरखाव और खानपान पर लाखों रुपए खर्च होते हैं, तो फिर यह पैसा आखिर कहां जा रहा है?