सिलवानी, रायसेन: Central School Silwani सिलवानी में केंद्रीय विद्यालय खुलने का इंतज़ार अब खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। ये स्कूल शहर के लिए एक बड़ी सौगात थी, लेकिन फिलहाल तो ये सिर्फ एक सपना बनकर ही रह गई है। इसी को लेकर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की सिलवानी इकाई ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा है। उनकी सीधी मांग है – जल्द से जल्द केंद्रीय विद्यालय की कक्षाएं शुरू की जाएं!
छात्रों और शहरवासियों का लंबा इंतज़ार
सिलवानी के छात्रों और उनके माता-पिता के लिए केंद्रीय विद्यालय का मतलब बेहतर शिक्षा और एक उज्जवल भविष्य था। लेकिन, ये उम्मीदें अब निराशा में बदल रही हैं। अभाविप ने अपने ज्ञापन में साफ तौर पर कहा है कि सरकार ने सिलवानी को केंद्रीय विद्यालय की सौगात तो दी, पर आज तक ये बस कागजों तक ही सिमट कर रह गई है। छात्र और शहर के सामाजिक कार्यकर्ता लंबे समय से शासन-प्रशासन को इस बारे में याद दिलाते रहे हैं, लगातार ज्ञापन देते रहे हैं, पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही।
हर बार एक ही जवाब मिलता है: “केंद्रीय विद्यालय संगठन के मापदंडों के हिसाब से भूमि और अस्थायी भवन नहीं मिल रहे।” लेकिन अभाविप इस बात से बिल्कुल सहमत नहीं है। उनका कहना है कि सिलवानी में न तो जमीन की कमी है और न ही उपयुक्त भवन की। ये सिर्फ एक बहाना है, जिससे इस काम को टाला जा रहा है।
क्यों जरूरी है सिलवानी में केंद्रीय विद्यालय?
केंद्रीय विद्यालय देश के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक हैं। यहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाती है, जो छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य में सफल होने के लिए तैयार करती है। सिलवानी जैसे छोटे शहरों में ऐसे स्कूल का खुलना, वहां के बच्चों के लिए शिक्षा के नए अवसर पैदा करता है। यह न सिर्फ छात्रों के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के शैक्षणिक विकास के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। जब ऐसे अवसर नहीं मिलते, तो बच्चों को दूर शहरों में जाकर पढ़ाई करनी पड़ती है, जो हर परिवार के लिए संभव नहीं होता।
अभाविप की सीधी अपील: छात्रों के भविष्य पर ध्यान दें
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने अपने ज्ञापन में केंद्रीय मंत्री चौहान से अपील की है कि वे नगर के सभी विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य और छात्र हित को सबसे ऊपर रखें। उनकी मांग है कि जल्द से जल्द केंद्रीय विद्यालय की कक्षाएं शुरू कराई जाएं, ताकि सिलवानी के बच्चे भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ उठा सकें।