जगदलपुर। (Bastar Education News) बस्तर की ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल शासकीय जगतु माहरा बस्तर हाईस्कूल ने अपने सौ साल पूरे कर लिए। इस खास मौके पर आयोजित शताब्दी वर्ष समारोह में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिवार को शताब्दी वर्ष की बधाई देते हुए कहा कि “शिक्षा ही विकास का मूल मंत्र है, बिना शिक्षा के जीवन अधूरा है।”
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उन्होंने कहा कि भारत में प्राचीन काल से शिक्षा की समृद्ध परंपरा रही है। नालंदा और तक्षशिला जैसे विश्वविख्यात विश्वविद्यालय इसका प्रमाण हैं। ऐसे इतिहास और परंपराओं वाले देश में बस्तर हाईस्कूल और कांकेर का नरहरदेव स्कूल लंबे समय से शिक्षा के महत्वपूर्ण केंद्र रहे हैं। (Bastar Education News)
स्कूल के लिए डेढ़ करोड़ की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में बड़े विकास कार्यों की घोषणा करते हुए बताया कि बस्तर हाईस्कूल के जीर्णोद्धार के लिए सरकार डेढ़ करोड़ रुपए देगी। इसके साथ ही पोस्ट मैट्रिक छात्रावास भवन के निर्माण की घोषणा भी की गई।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्कूल की अन्य आवश्यकताओं को भी सरकार प्राथमिकता के साथ पूरा करेगी। (Bastar Education News)
तकनीकी शिक्षा के लिए स्कूल को मिलेंगे 50 ड्रोन
कार्यक्रम के दौरान शैलेंद्र सिंह ठाकुर ने स्कूल को दो ड्रोन टोकन के रूप में भेंट किए। साथ ही उन्होंने विद्यालय को 50 ड्रोन उपलब्ध कराने की सहमति दी, जिससे बच्चों को तकनीकी शिक्षा व ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने उनके इस योगदान को प्रेरणादायक बताया।
स्मारिका विमोचन, स्मार्ट क्लास और पौधरोपण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विद्यालय परिसर में शताब्दी समारोह की पट्टिका का अनावरण किया।
उन्होंने स्वर्गीय ठाकुर देवेंद्र सिंह और स्वर्गीय शारदा ठाकुर की स्मृति में निर्मित दो स्मार्ट क्लास का लोकार्पण भी किया। (Bastar Education News)
बस्तर की परंपरा के अनुरूप मुख्यमंत्री ने माता के नाम पर परिजात पौधे का रोपण किया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और ध्वजारोहण से हुई।
शहीद पूर्व छात्रों को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूल के सात ऐसे पूर्व छात्रों के छायाचित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की, जो पुलिस या सुरक्षा बल में कार्यरत रहते हुए शहीद हुए। उन्होंने कहा कि इन वीरों के बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। (Bastar Education News)
पूर्व छात्रों ने साझा किए अनुभव
शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव भी इस अवसर पर मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि आजादी से पहले 1926 में शुरू हुआ यह स्कूल बस्तर की शिक्षा व्यवस्था की धुरी रहा है। हजारों छात्र यहां से पढ़कर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सेवा दे रहे हैं। (Bastar Education News)
वहीं कार्यक्रम में मौजूद पूर्व छात्र और जगदलपुर विधायक किरण देव ने कहा कि अविभाजित बस्तर में बस्तर हाईस्कूल और नरहरदेव हाईस्कूल दो सबसे प्रमुख शिक्षण संस्थान थे। इन संस्थानों ने जिले और राज्य को अनगिनत IAS, डॉक्टर, इंजीनियर, प्राध्यापक और उद्यमी दिए हैं। उन्होंने स्कूल के जीर्णोद्धार की मांग भी रखी। (Bastar Education News)
स्कूल के गौरवशाली इतिहास का परिचय
कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल के प्राचार्य बीएस रामकुमार ने रिपोर्ट प्रस्तुत कर की। उन्होंने स्कूल की सौ वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों और समाज में उसके योगदान की जानकारी दी।
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जनप्रतिनिधियों की रही खास मौजूदगी
इस भव्य समारोह में कई मंत्री और जनप्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें प्रमुख रूप से—
- वन मंत्री केदार कश्यप
- सांसद महेश कश्यप
- विधायक विनायक गोयल
- छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉर्पोरेशन अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी
- अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी
- जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप
- महापौर संजय पांडे
- कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी
- कलेक्टर हरिस एस और एसपी शलभ सिन्हा
कार्यक्रम में सैकड़ों पूर्व छात्र-छात्राएं और वर्तमान विद्यार्थी उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने स्कूल की शताब्दी यात्रा का हिस्सा बनकर इस ऐतिहासिक दिन को यादगार बना दिया। (Bastar Education News)