Murder: Mother herself killed the innocent child. मध्यप्रदेश के करेली क्षेत्र के समीपस्थ ग्राम सासबहू में एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। गांव के स्कूल के सामने बने कूड़ेदान में एक नवजात बच्ची का शव मिलने से पूरे गांव में सनसनी फैल गई। यह खबर जंगल में आग की तरह फैली और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि नवजात बच्ची का जन्म महज एक दिन पहले ही हुआ था, और उसे जानबूझकर मारकर फेंका गया है। सबसे हैरानी की बात यह रही कि इस घिनौने कृत्य को खुद उसकी मां ने अंजाम दिया, जिसने 9 महीने तक बच्ची को गर्भ में रखने के बाद उसकी नृशंस हत्या कर दी।
गले और सिर पर मिले चोट के गहरे निशान
मौके पर पहुंची करेली थाना पुलिस ने बताया कि शव के पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एएसआई संतलाल मरकाम के अनुसार, शिशु के गले में गहरे कटे के निशान और सिर पर गंभीर चोटें पाई गई हैं। इससे यह साफ संकेत मिलते हैं कि बच्ची को जन्म के तुरंत बाद जान से मार दिया गया। हालांकि, हत्या का तरीका और कारण स्पष्ट रूप से पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
गांव की महिला ही निकली आरोपी
पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी संदीप भूरिया भी सक्रिय हो गए। उन्होंने बताया कि करेली थाना टीम ने जब जांच को आगे बढ़ाया तो पड़ोसियों और ग्रामीणों से पूछताछ के बाद यह खुलासा हुआ कि उसी गांव की एक महिला ने ही इस नवजात को जन्म दिया था और वही इसकी मां भी है।
नवजात की हत्या के आरोप में मां गिरफ्तार
पुलिस की सख़्त पूछताछ के बाद एक महिला ने स्वीकार किया है कि उसने अपने नवजात शिशु को जन्म के तुरंत बाद मार कर कचरे में फेंक दिया था। यह घटना तब सामने आई जब करेली थाना पुलिस ने इस मामले की जाँच शुरू की। खुलासे के बाद, करेली थाना पुलिस ने महिला के ख़िलाफ़ अपराध क्रमांक 660/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 91 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया है। बताया जा रहा है कि महिला काफ़ी समय से अपने पति से अलग होकर मायके में रह रही थी।
गांव में गूंज रहा एक ही सवाल – क्यों मारा अपनी ही बच्ची को?
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि कोई भी मां अपनी कोख से जन्मी संतान को कैसे मार सकती है? आखिर ऐसा कौन-सा मानसिक या सामाजिक दबाव था, जिसने उसे इस हद तक जाने पर मजबूर कर दिया?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, महिला के निजी जीवन में तनाव और पारिवारिक संबंधों में खटास की भी बात सामने आ रही है। संभव है कि बच्ची का जन्म किसी सामाजिक बदनामी या पारिवारिक अस्वीकार्यता का कारण बन रहा हो। हालांकि, इस संबंध में अब तक कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस वैज्ञानिक तरीके से जांच में जुटी है।
जांच में जुटी पुलिस, जल्द हो सकता है बड़ा खुलासा
इस हत्याकांड की गूंज सिर्फ गांव तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे करेली क्षेत्र में इस पर चर्चा हो रही है। करेली थाना प्रभारी और जिला पुलिस की टीम हर पहलू को गंभीरता से जांच रही है। फोरेंसिक जांच, मोबाइल डिटेल, महिला के पारिवारिक बैकग्राउंड और आसपास के लोगों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना ने न सिर्फ एक मासूम की जान ले ली, बल्कि समाज के सामने एक बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया है – क्या मां भी ऐसी हो सकती है?
समाज को भी सोचने की ज़रूरत
यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि एक सामाजिक पीड़ा का भी संकेत है। अगर एक महिला इस कदर अकेली और असहाय हो जाए कि वह अपनी ही संतान की हत्या को समाधान समझे, तो कहीं न कहीं समाज की भी भूमिका सवालों के घेरे में आ जाती है।