जिले में एक करोड़ रुपए की बड़ी ठगी के मामले में पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी अलीम खान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी बीते कई सालों से पुलिस को चकमा दे रहा था, लेकिन आखिरकार पुलिस की सख्त निगरानी और मुखबिर की सूचना के आधार पर उसे दबोच लिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांकेर निवासी अपर्णा रामटेके ने पुलिस को शिकायत दी थी कि आरोपी अलीम खान, निवासी संजय नगर कांकेर, ने उनके पिता को करोड़ों रुपये का लालच देकर झांसे में लिया और करीब 1 करोड़ रुपये की ठगी कर डाली।
कैसे हुई ठगी की शुरुआत?
शिकायतकर्ता अपर्णा रामटेके ने बताया कि वर्ष 2017 में उनके पिता का क्लीनिक “संतोषी मेडिकल स्टोर कॉम्प्लेक्स” में संचालित होता था। उसी दौरान अलीम खान अपनी पत्नी के इलाज के लिए क्लीनिक में अक्सर आता-जाता था। धीरे-धीरे वह उनके पिता से घुल-मिल गया और विश्वास जीत लिया।
नवंबर 2018 में अलीम खान ने अपर्णा के पिता को झांसे में लेते हुए बताया कि वह कोलकाता की एक बड़ी कंपनी में काम करता है, जहां निवेश पर दोगुना पैसा मिलने का दावा किया जाता है। उसने पहले तो भरोसा जीतने के लिए 2 लाख रुपये नकद ले लिए और फिर बार-बार यह कहकर पैसे लेने लगा कि पिछली कंपनी तो बंद हो गई, लेकिन अब वह एक नई और भरोसेमंद कंपनी से जुड़ गया है, जहां पैसा पूरी तरह सुरक्षित है।
धीरे-धीरे 1 करोड़ तक पहुंचा ठगी का आंकड़ा
वर्ष 2019 से लेकर 2024 तक आरोपी ने किस्तों में कभी ऑनलाइन और कभी नगद, अपर्णा और उनके पिता से रकम ऐंठता रहा। वर्ष 2021 से 2024 तक तो लगातार उनके खाते से पैसे ट्रांसफर होते रहे। इतना ही नहीं, आरोपी ने अपने एक सहयोगी डीलक्स मरकाम के खाते में भी करीब 23 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए।
कुल मिलाकर आरोपी अलीम खान ने लगभग 1 करोड़ रुपये की ठगी कर डाली। जब पीड़ित परिवार ने पैसे वापस मांगे, तो वह हर बार दो-चार दिन में पैसे वापस करने का झांसा देता रहा।
आरोपी लंबे समय से था फरार
जैसे ही मामला सामने आया, थाना कांकेर में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 148/25 के तहत आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) में केस दर्ज किया गया। जांच की कमान पुलिस अधीक्षक श्री आई. के. एलिसेला के नेतृत्व में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश सिन्हा और एसडीओपी मोहसीन खान की निगरानी में शुरू हुई।
विवेचना के दौरान जब अलीम खान की लोकेशन नहीं मिल रही थी, तब पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि वह संजय नगर स्थित अपने घर लौटा है। तत्परता दिखाते हुए पुलिस टीम ने तुरंत दबिश दी और आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया।
टीम को मिला सफलता का श्रेय
इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष नागर के नेतृत्व में सउनि भुनेश्वरी भगत, म.प्र.आर. हितेश्वरी चेलक, आरक्षक श्रवण ठाकुर, वयंत सरोज, महिला आरक्षक सविता नाग और पेट्रोलिंग टीम की सराहनीय भूमिका रही।
आरोपी अलीम खान को गिरफ्तार कर 18 जुलाई 2025 को कोर्ट में पेश किया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से छानबीन कर रही है और ये भी जांच की जा रही है कि कहीं उसने इसी तरह और लोगों को भी तो अपना शिकार नहीं बनाया।