उत्तर प्रदेश के धार्मिक नगरी मथुरा से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। राधाकुंड पुलिस चौकी से कुछ ही कदमों की दूरी पर स्थित एक आश्रम में बदमाशों ने साधु की बेरहमी से हत्या कर दी और भगवान की मूर्ति से कीमती आभूषण चुराकर फरार हो गए।
घटना गोपी बिहार कॉलोनी की है, जहां पिछले कई सालों से विनोद कृष्ण दास पांडेय नामक साधु भजन-पूजन कर रह रहे थे। वह एकांत और शांत वातावरण में रहते थे और दिन-रात भगवान की सेवा में लीन रहते थे। लेकिन बीती शाम जब उनके शिष्य आश्रम पहुंचे तो उन्होंने गुरुजी को रसोई में उल्टा पड़ा देखा, उनके हाथ-पैर रस्सियों से बंधे हुए थे और शरीर निढाल था।
शिष्य के देखकर उड़े होश, पुलिस को दी सूचना
शिष्य ने जब यह मंजर देखा तो तुरंत आसपास के लोगों और पुलिस को जानकारी दी। सूचना मिलते ही राधाकुंड पुलिस के साथ-साथ मथुरा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्लोक कुमार भी मौके पर पहुंचे। एसपी ने फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया, जिन्होंने मौके से साक्ष्य जुटाए।
प्रथम दृष्टया ये मामला लूटपाट के इरादे से हत्या का लग रहा है। भगवान के विग्रह से कीमती आभूषण गायब हैं और साधु की भी दर्दनाक हत्या कर दी गई है।
हत्या की वजह – लूट की आशंका
एसपी श्लोक कुमार ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि,”शुरुआती जांच में ये साफ है कि अपराधियों का इरादा लूट का था। आश्रम में रखे भगवान की मूर्तियों से आभूषण गायब हैं और साधु की हत्या कर दी गई है।”
उन्होंने आगे कहा कि इस जघन्य घटना की जांच के लिए चार विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो जल्द ही इस मामले का पर्दाफाश करेंगी।
आश्रम में ही घटी घटना, पुलिस चौकी पास होने से उठे सवाल
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरी घटना पुलिस चौकी से कुछ ही दूरी पर घटित हुई है। इससे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों में आक्रोश और दहशत का माहौल है कि जब चौकी के पास ही ऐसा हो सकता है, तो बाकी इलाकों का क्या हाल होगा?
विनोद कृष्ण दास पांडेय – एक शांत और भक्ति में लीन साधु
मृतक साधु विनोद कृष्ण दास पांडेय लंबे समय से राधाकुंड के गोपी बिहार कॉलोनी स्थित आश्रम में रहकर भगवान की सेवा में लगे थे। उनका कोई व्यक्तिगत विवाद भी नहीं था, जिससे यह माना जा रहा है कि हत्यारों ने आश्रम में केवल चोरी के इरादे से ही घुसपैठ की थी।
पुलिस कर रही गहराई से जांच, जल्द खुलासा होने की उम्मीद
इस वारदात के बाद पुलिस तुरंत एक्टिव हो गई है। मृतक साधु के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पूरे मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
स्थानीय लोगों की मांग – सुरक्षा बढ़ाई जाए
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस से इलाके में गश्त बढ़ाने और चौकी को सक्रिय करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस सक्रिय रहती तो शायद यह घटना रोकी जा सकती थी।
मथुरा जैसे आस्था के केंद्र में जहां हर वक्त भक्ति और श्रद्धा का माहौल रहता है, वहां ऐसी घटनाएं लोगों की धार्मिक भावनाओं को गहरी चोट पहुंचाती हैं। राधाकुंड जैसे पवित्र स्थान पर साधु की हत्या और भगवान के आभूषणों की चोरी न सिर्फ एक गंभीर अपराध है, बल्कि ये समाज की सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े करता है।
निष्कर्ष
अब देखना होगा कि पुलिस अपनी जिम्मेदारी कितनी गंभीरता से निभाती है और इस दर्दनाक घटना को अंजाम देने वालों को कितनी जल्दी सलाखों के पीछे पहुंचाती है।