सिलवानी। वन विभाग की टीम ने सिलवानी नगर के तलैया मोहल्ला क्षेत्र में बड़ी छापामार कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से रखी गई सागौन की कीमती ईमारती लकड़ी जब्त की है। यह कार्यवाही पश्चिम सिलवानी वन परिक्षेत्र अधिकारी के निर्देशन में की गई, जिसमें 36 नग सागौन लकड़ी जब्त की गई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 57,403 रुपए आंकी गई है।
वन विभाग को यह सूचना मुखबिर से मिली थी कि अनीस पुत्र हबीब, निवासी तलैया मोहल्ला, सिलवानी के घर पर अवैध रूप से सागौन लकड़ी रखी गई है। सूचना मिलते ही वन अमले ने बिना समय गंवाए एक विशेष टीम का गठन कर वहां दबिश दी और तलाशी के दौरान सागौन की 36 नग ईमारती लकड़ी बरामद की। लकड़ी की कुल मात्रा 0.495 घन मीटर मापी गई, जिसे तत्काल प्रभाव से जब्त कर रेंज परिसर सिलवानी लाया गया।
वन अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
जप्त की गई सागौन लकड़ी को लेकर आरोपी के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज कर विधिवत पंजीबद्ध किया गया है। इस कार्रवाई से वन माफियाओं में हड़कंप मच गया है और अवैध लकड़ी के कारोबार पर रोक लगाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इन अधिकारियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस छापेमारी अभियान में रेंजर महेन्द्र कुमार पालेचा, कार्यवाहक उप वनक्षेत्रपाल गोवर्धन दास जाटव, कार्यवाहक वनपाल कमलेश तिवारी एवं मनीष छारी, वनरक्षक पुरुषोत्तम रजक और अमित धुर्वे, स्थायी कर्मी प्रेमनारायण रजक का विशेष सहयोग रहा। सभी ने मिलकर यह कार्यवाही योजनाबद्ध तरीके से संपन्न की और अवैध लकड़ी को सुरक्षित रूप से रेंज कंपाउंड पहुंचाया।
अवैध लकड़ी कारोबार पर वन विभाग की सख्ती
यह कोई पहली घटना नहीं है जब सिलवानी क्षेत्र में अवैध लकड़ी जब्त की गई हो। आए दिन सागौन जैसी कीमती लकड़ियों की तस्करी की खबरें सामने आती रहती हैं। वन विभाग अब ऐसे मामलों पर पूरी तरह सख्ती बरत रहा है और लगातार निगरानी रखी जा रही है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आम जनता को भी इसमें सहयोग करना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को देनी चाहिए, ताकि जंगल की संपदा को बचाया जा सके।
स्थानीय लोगों में मिली-जुली प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्ती जरूरी है, ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगे। हालांकि कुछ लोग यह भी कहते हैं कि विभाग को ऐसी कार्रवाइयों में पारदर्शिता भी बरतनी चाहिए ताकि निर्दोष लोगों को परेशानी न हो।