thief arrested: Biaora (Rajgarh) अगर आप ट्रेन में सफर करते हैं और अपना सामान ऊपरी सीट पर रखते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। जी हां, ट्रेन में ऊपरी बर्थ पर रखे बैग को काटकर लाखों के जेवर उड़ाने वाला एक शातिर चोर आखिरकार GRP ब्यावरा की गिरफ्त में आ गया है। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी के जेवर बरामद कर मामले का खुलासा कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 4 मई 2025 की है, जब बीना-नागदा पैसेंजर ट्रेन (नंबर 19342) में सफर कर रही एक महिला यात्री का बैग चोरी हो गया। महिला ने ब्यावरा जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने अपना बैग ट्रेन की ऊपरी सीट पर रखा था, जिसे किसी ने सीट काटकर चुपचाप पार कर दिया। महिला के मुताबिक, उस बैग में करीब 91 हजार रुपये के सोने-चांदी के जेवर रखे थे।
स्पेशल टीम ने किया खुलासा
इस चोरी को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक रेल इंदौर संतोष कोरी के निर्देशन में उप पुलिस अधीक्षक मनीषा पाठक और निरीक्षक ज्योति शर्मा की निगरानी में जीआरपी थाना ब्यावरा प्रभारी निरीक्षक गोपाल सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। इस टीम ने तकनीकी निगरानी, मुखबिरों की सूचना और पुराने अपराधियों के रिकॉर्ड खंगालते हुए आरोपी को पकड़ने में सफलता पाई।
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
पुलिस ने जिस आरोपी को पकड़ा है, उसका नाम है आरिफ पिता शाहिद अली, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम पप्पूपुर, थाना धानूपुर, जिला भदोही (उत्तर प्रदेश)। आरोपी को ब्यावरा स्टेशन पर गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने दो सोने की चैन, एक जोड़ी झुमकी और एक जोड़ी टॉप्स जैसी ज्वेलरी चोरी की थी।
बरामद सामान और कीमत
पुलिस ने आरोपी के पास से कुल ₹1,15,000 के जेवरात बरामद किए हैं, जिसमें शामिल हैं:
दो सोने जैसी दिखने वाली चैन, अनुमानित कीमत ₹60,000
एक जोड़ी झुमकी, कीमत लगभग ₹28,000
एक जोड़ी टॉप्स, कीमत लगभग ₹27,000
कैसे करता था चोरी?
पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि वह खुद यात्री बनकर ट्रेन में चढ़ता था और ऊपर की सीट पर रखे बैगों को ही अपना टारगेट बनाता था। जैसे ही कोई यात्री नीचे बैठता और बैग ऊपर रख देता, वो मौके का फायदा उठाकर ब्लेड या चेन कटर जैसी चीज़ों से बैग को काट देता और उसमें रखा कीमती सामान निकाल लेता। फिर अगला स्टेशन आते ही आराम से उतरकर भाग जाता।
कड़ी कार्रवाई और टीम की सराहना
पुलिस अधीक्षक और जीआरपी ब्यावरा ने टीम के कार्य की सराहना करते हुए इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। टीम में निरीक्षक गोपाल सिंह, प्रधान आरक्षक विवेक शर्मा, आरक्षक मनोज सिंह, इंद्र सिंह, राहुल जाट और सत्येंद्र जाट शामिल रहे।