शहर में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत क्राइम ब्रांच को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक सफेद बोलेरो से 30 किलो से ज्यादा गांजा बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह रही कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी आपस में जीजा-साले हैं और लंबे समय से गांजा तस्करी के कारोबार में शामिल हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान दीपक सविता और मुकेश राठौर के रूप में हुई है।
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गाड़ी से 30 किलो 700 ग्राम गांजा, दो मोबाइल फोन और एक modified बोलेरो वाहन (MP04ED7163) जब्त किया गया है। ज़ब्त की गई सामग्री की कुल कीमत लगभग 16 लाख रुपये आंकी गई है।
2025 में अब तक 2 क्विंटल गांजा जब्त, 36 गिरफ्तार
थाना क्राइम ब्रांच ने वर्ष 2025 में अब तक नशा तस्करी के मामलों में 2 क्विंटल गांजा ज़ब्त करते हुए 36 तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो भोपाल पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
गोपनीय सूचना से हुआ बड़ा खुलासा
क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बैरागढ़ कला स्थित सरोज मेमोरियल स्कूल के पास एक सफेद बोलेरो में दो लोग गांजा लेकर ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं। सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच की टीम ने मौके पर पहुंचकर बोलेरो गाड़ी (MP04ED7163) को घेर लिया।
गाड़ी में बैठे दो व्यक्तियों को पूछताछ के बाद पकड़ा गया। उनकी पहचान इस प्रकार है:
- दीपक सविता (उम्र 40), निवासी – मकान नंबर 10, सरोज मेमोरियल स्कूल के पास, बैरागढ़ कला
- मुकेश राठौर (उम्र 52), निवासी – वही पता, बैरागढ़ कला
बोलेरो में गांजा छिपाने के लिए बनाया गया था सीक्रेट चैंबर
जब पुलिस ने बोलेरो वाहन की बारीकी से तलाशी ली, तो बीच की सीट के नीचे उन्हें एक छिपा हुआ गुप्त चैंबर मिला। यह चैंबर खासतौर पर गांजा छिपाने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया था ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके। जब इस चैंबर को खोला गया, तो उसके भीतर ब्राउन टेप में लिपटे कुल छह पैकेट पाए गए।
इन सभी पैकेट्स को खोलने पर पुलिस को 30 किलो 700 ग्राम अवैध गांजा मिला। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से बोलेरो वाहन और दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं। अब इनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की पूछताछ की जा रही है।
6 राज्यों तक फैला नेटवर्क, जेल में हुई थी मुलाकात
पुलिस जांच में सामने आया कि ये आरोपी पिछले 8 सालों से गांजा तस्करी के धंधे में लिप्त हैं। उनका नेटवर्क छत्तीसगढ़, यूपी, एमपी, हरियाणा, बिहार और झारखंड जैसे 6 राज्यों में फैला है। इनकी आपसी मुलाकात कन्नौज जेल में हुई थी, जब दोनों गांजा तस्करी के अलग-अलग मामलों में बंद थे।
जमानत पर छूटने के बाद इन्होंने फिर से तस्करी शुरू कर दी। इस बार हरियाणा के हिसार से उधारी का माल लेकर ये बोलेरो से 2000 किलोमीटर का सफर तय कर भोपाल पहुंचे थे।
बोलेरो खरीदी गई थी तस्करी के लिए
गांजा तस्करी के लिए आरोपी दीपक सविता ने करीब 6 लाख रुपये में एक लोन डिफाल्टर बोलेरो खरीदी थी। गाड़ी को तस्करी के लिए modification कराया गया था। अब वाहन को जब्त कर उस पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अलग से कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी मौजूद
दोनों आरोपी पहले भी गांजा तस्करी में जेल जा चुके हैं:
दीपक सविता: केस नंबर 243/21, थाना रईबाजार, कानपुर – धारा 8/20 NDPS एक्ट
मुकेश राठौर: केस नंबर 243/21 (कानपुर) और AK-135/18 (जगदलपुर) – NDPS एक्ट
एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज
दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। उनके नेटवर्क की पूरी जानकारी निकालने के लिए पुलिस मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल और बैंक खातों की भी जांच कर रही है। साथ ही आरोपियों की संपत्ति की भी जांच की जाएगी।
पुलिस की सराहनीय कार्रवाई
इस सफल ऑपरेशन में थाना प्रभारी अशोक मरावी और उनकी टीम – उनि गोविंद यादव, उनि जसवंत सिंह, प्रआर कुवर बहादुर, प्रआर कुशलपाल, आर अरविंद राजपूत, देवेन्द्र पालोदिया, विवेक नामदेव, महेन्द्र सिंह राजपूत, मनीष कौरव और म.आर पूजा अग्रवाल – की अहम भूमिका रही।