बलरामपुर-रामानुजगंज: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर ज़िले की बंसतपुर पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ डोडा तस्करी के खिलाफ अपनी मुहिम में एक और बड़ी सफलता हासिल की है. इस मामले में अब झारखंड के खूंटी ज़िले से एक और अहम आरोपी को धर दबोचा गया है. गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान साहिल अनिल सांगा (उम्र 37 वर्ष) के रूप में हुई है, जो खुद खूंटी ज़िले के खूंटी गांव का ही रहने वाला है . (Balrampur: Main accused arrested from Jharkhand in doda smuggling case. Big action by Bansatpur police)
झारखंड से दबोचा गया डोडा तस्कर
यह कोई पहली बार नहीं है जब बंसतपुर पुलिस ने इस डोडा तस्करी रैकेट पर शिकंजा कसा है. इससे पहले भी इस मामले में तीन अन्य आरोपियों को राजस्थान और पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया जा चुका है. यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज और ज़िला पुलिस अधीक्षक बलरामपुर के कड़े निर्देशों पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत की गई है, जो नशे के कारोबारियों पर नकेल कसने के लिए एक महत्वपूर्ण क़ानून है.
ऐसे शुरू हुई जांच की कड़ी
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब 19 जुलाई 2025 को बंसतपुर पुलिस ने एक टाटा ट्रक (क्रमांक आरजे 19 जीजे 7447) को पकड़ा था. इस ट्रक में भारी मात्रा में अवैध डोडा की तस्करी की जा रही थी. ट्रक के ड्राइवर, जिसका नाम उत्तम राय था, से जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने साहिल अनिल सांगा का नाम उगला. उत्तम राय ने बताया कि साहिल अनिल सांगा रांची में डोडा खरीदने और उसे आगे सप्लाई करने के पूरे खेल में शामिल है. यह जानकारी पुलिस के लिए एक बड़ी लीड साबित हुई.
मोबाइल लोकेशन ने खोली पोल
मोबाइल लोकेशन से हुआ खुलासा: उत्तम राय की निशानदेही पर पुलिस ने फौरन साहिल की तलाश शुरू कर दी. पुलिस ने उसकी मोबाइल लोकेशन खंगाली और आखिरकार 29 जुलाई की रात 8:30 बजे पश्चिम बंगाल से उसे पकड़ लिया. गिरफ्तारी के बाद साहिल को 30 जुलाई को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया.
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा: किसानों से सीधे खरीदता था डोडा!
पुलिस की पूछताछ में आरोपी साहिल अनिल सांगा ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. उसने कबूल किया कि वह सीधे किसानों से डोडा खरीदता था और इसके लिए पैसे अपने खाते में ट्रांसफर करवाता था. यह जानकारी डोडा तस्करी के इस पूरे नेटवर्क को समझने में पुलिस के लिए बेहद मददगार साबित हो रही है. पुलिस को जांच में साहिल के खिलाफ कई ठोस सबूत मिले हैं. इन्हीं सबूतों के आधार पर साहिल को 3 अगस्त की शाम 7 बजे फिर से गिरफ्तार किया गया और आज यानी 4 अगस्त को उसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है.
इस बड़ी कार्रवाई में शामिल रहे ये अधिकारी
इस महत्वपूर्ण और सफल कार्रवाई को अंजाम देने में निरीक्षक जितेंद्र सोनी, आरक्षक अजय टोप्पो, और जनार्दन सिंह जैसे जांबाज पुलिसकर्मियों ने अहम भूमिका निभाई. उनकी सूझबूझ और अथक प्रयासों से ही इस बड़े डोडा तस्करी रैकेट का पर्दाफाश हो पाया है. बलरामपुर पुलिस की यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि नशे के अवैध कारोबार को रोकने के लिए वे कितने गंभीर हैं. यह समाज में नशे के बढ़ते चलन पर लगाम लगाने के लिए एक सराहनीय कदम है.