भोपाल। राजधानी भोपाल के पिपलानी थाना पुलिस ने नशा मुक्ति अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन शराब तस्करों को धरदबोचा है। आरोपियों के पास से बोलेरो पिकअप वाहन में रखी 300 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त की गई है, जिसकी कुल कीमत करीब 19 लाख रुपए आंकी गई है। साथ ही जिस वाहन में शराब लाई जा रही थी, उसकी कीमत 10 लाख रुपए बताई गई है।
यह कार्रवाई 24 जुलाई 2025 को गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें पिपलानी पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए बोलेरो पिकअप (MP 04 GC 3603) को घेराबंदी कर पकड़ा और तलाशी में भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद की।
पूरे मामले की जानकारी:
मुखबिर से सूचना मिली थी कि बोलेरो पिकअप से अवैध शराब भोपाल लाई जा रही है। इस पर पुलिस टीम ने अलर्ट मोड में आकर संदिग्ध वाहन को रोका और तलाशी ली, जिसमें 19 लाख रुपए कीमत की 300 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब पाई गई। वाहन समेत शराब को जब्त कर लिया गया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपी:
- रामसाय रायकवार, उम्र 48 वर्ष, निवासी ग्राम गुड्डू, थाना बमोरी, जिला रायसेन।
- विजय नामदेव, उम्र 34 वर्ष, निवासी जोपीपुरा सब्जी मंडी, भोपाल।
- राकेश अहिरवार, उम्र 52 वर्ष, निवासी ग्राम पहलेज थाना कोलारस, जिला टीकमगढ़ (वर्तमान पता – सुगंध सिटी, गोविंदपुरा, भोपाल)।
इस कार्रवाई में इन अधिकारियों की रही विशेष भूमिका:
- निरीक्षक चंद्रकांत सिंह यादव
- उनि. राजकिशोर मिश्रा
- उनि. आनंद सिंह परिहार
- आर. 2905 प्रमेन्द्र मिश्रा
- आर. 2669 महेंद्र ठाकुर
- आर. 1589 राजकुमार गोस्वामी
- आर. 4990 मुकेश शुक्ला
- आर. 383 नीलेश कुमार त्रिपाठी
- आर. 3118 अशोक पटेल
- आर. 2700 रवि बघेल
इन सभी ने मिलकर समन्वयपूर्ण ढंग से त्वरित कार्रवाई को सफल बनाया और एक बड़ी शराब तस्करी को नाकाम किया।
पुलिस का बयान और अगली कार्रवाई:
भोपाल पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह शराब कहां से लाई गई थी और कहां सप्लाई की जानी थी। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि शराब की यह खेप किसी बड़े गिरोह का हिस्सा हो सकती है। पुलिस अब इसके पीछे के नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है।
निष्कर्ष:
भोपाल में अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार मुस्तैद है। पिपलानी पुलिस की यह कार्रवाई न केवल तस्करों के हौसले पस्त करती है, बल्कि आम लोगों के लिए यह एक सकारात्मक संदेश भी है कि कानून व्यवस्था पूरी तरह सतर्क है।