होडल/मथुरा। Sanatan Ekta Padyatra, बागेश्वर धाम सरकार धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की सनातन एकता पदयात्रा जब ब्रजभूमि पहुंची, तो पूरा क्षेत्र भक्ति और उत्साह से गूंज उठा। दिल्ली से वृंदावन तक चल रही इस यात्रा का विगत रोज बंचारी से ब्रज क्षेत्र में प्रवेश हुआ, जहां पूज्य बागेश्वर महाराज ने ब्रजभूमि को नमन करते हुए कहा— “यह भूमि भक्ति, शक्ति और प्रेम की प्रतीक है। जब ब्रजवासी स्वीकार कर चुके हैं, तो यह निश्चित है कि बांके बिहारी भी हमें स्वीकार करेंगे।”
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ब्रज के होडल शहर में जगह-जगह यात्रा का स्वागत हुआ। आधे सैकड़े से अधिक स्थानों पर भक्तों ने पुष्प वर्षा कर महाराज श्री का अभिनंदन किया। वातावरण जय श्रीराम और राधे-राधे के नारों से गूंज उठा। Sanatan Ekta Padyatra,
भव्य मंच और संतों की उपस्थिति से जगमगाई रात
रात को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में माहौल भक्तिमय और ऊर्जावान रहा। मंच पर दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा, मध्यप्रदेश के मंत्री चौधरी राकेश सिंह, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, संस्कार चैनल के सीईओ मनोज त्यागी, पूर्व मंत्री सीताराम राठौर, कोट वन के माधवदास मोनी महाराज, छत्तीसगढ़ के बालकदास महाराज सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। Sanatan Ekta Padyatra,
प्रसिद्ध गायक अंकुश और राजा, गायक जॉनी और जयपुर के व्यंग्यकार अरुण जी ने अपने गीतों और संवादों से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। पूरा ब्रजभूषण मैदान भक्तिमय माहौल में डूब गया। Sanatan Ekta Padyatra,
होडल से राष्ट्रगान और हनुमान चालीसा के साथ शुरू हुई सातवें दिन की यात्रा
सातवें दिन की शुरुआत होडल से राष्ट्रगान और हनुमान चालीसा के साथ हुई। यात्रा के आगे बढ़ने के साथ ही गांव-गांव में श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। कहीं फूल वर्षा हुई तो कहीं ढोल-नगाड़ों से महाराज का अभिनंदन किया गया। Sanatan Ekta Padyatra,
इस दौरान बागेश्वर महाराज ने कहा, “व्यक्ति अपने उच्चारण से नहीं, बल्कि उच्च आचरण से महान बनता है।” उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा— “रील्स बनाओ, लेकिन रियल से जुड़े रहो। सोशल मीडिया के साथ अपने संस्कारों से भी नाता बनाए रखो।”
महाराज श्री ने कहा, “हम न किसी को आस्तिक बनाते हैं, न नास्तिक। हमारा उद्देश्य है कि लोग वास्तविक बनें, जीवन के सत्य को समझें।” Sanatan Ekta Padyatra,
“नदियों से मिलकर सिंधु और जातियों से मिलकर हिंदू बनता है”
अपने प्रवचन में बागेश्वर महाराज ने भारत की आध्यात्मिक एकता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा—
“भारत वह पवित्र भूमि है, जहां जन्म लेने वाले पशु, पक्षी, पेड़ और पौधे तक पूजनीय हैं। जिस तरह सभी नदियां मिलकर सिंधु बनती हैं, उसी प्रकार जब सभी जातियां मिलती हैं तभी सच्चा हिंदू समाज बनता है।” Sanatan Ekta Padyatra,
उन्होंने एकता का संदेश देते हुए कहा—
“तीन नहीं, जब पांच उंगलियां मिलती हैं तभी मुट्ठी बनती है और तब ही ताकत बनती है। इसी तरह जब सभी हिंदू एकजुट होंगे, तभी भारत फिर से विश्वगुरु बनेगा।” Sanatan Ekta Padyatra,
महाराज जी ने यह भी कहा— “हम बम नहीं, नारियल फोड़ने वाले हैं। हम हिंसा नहीं, प्रेम और सत्य के मार्ग पर चलने वाले सनातनी हैं।”
देशभर से जुड़ रहे हैं श्रद्धालु
यात्रा के सातवें दिन मंच पर अंतर्राष्ट्रीय कथा व्यास संजीव कृष्ण ठाकुर, पूज्य मृदुलकांत जी महाराज, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील अश्विनी उपाध्याय, सांसद निशिकांत दुबे, वरिष्ठ नेता सुमेर सिंह सोलंकी, मध्यप्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार भी उपस्थित रहे। Sanatan Ekta Padyatra,
सभी संतों और अतिथियों ने कहा कि सनातन धर्म की यह यात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र और संस्कृति को एक सूत्र में पिरोने का आंदोलन है। Sanatan Ekta Padyatra,
“ब्रजभूमि ने हमें स्वीकार किया – अब बांके बिहारी भी करेंगे कृपा”
बागेश्वर महाराज ने भावपूर्ण स्वर में कहा—
“ब्रजभूमि की यह पावन धूल, यहां की गोपियां, यहां के संत – सब प्रेम और भक्ति से भरे हैं। जब ब्रजवासियों ने इस यात्रा को अपना लिया है, तो मुझे पूर्ण विश्वास है कि बांके बिहारी भी कृपा करेंगे।” Sanatan Ekta Padyatra,
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उन्होंने कहा कि भारत की एकता, संस्कृति और सनातन परंपरा को बचाने के लिए सभी को साथ आना होगा। “यह यात्रा किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए एक संदेश है,” उन्होंने कहा। Sanatan Ekta Padyatra,
बागेश्वर धाम सरकार की सनातन एकता पदयात्रा अब ब्रजभूमि की गलियों में भक्ति का ज्वार पैदा कर रही है। हर शहर, हर गांव में श्रद्धा और संस्कृति की नई लहर दौड़ रही है। बागेश्वर महाराज का संदेश साफ है— “एकता में ही शक्ति है, और सनातन धर्म का सार है – प्रेम, भक्ति और सेवा।” Sanatan Ekta Padyatra,