सुमित शर्मा देवरी, Free Eye Camp Deori श्री श्री मां नर्मदा सेवा समिति और सेवा सदन नेत्र चिकित्सालय के संयुक्त तत्वावधान में देवरी बस स्टैंड पर एक निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले उन लोगों की आंखों की जांच करना था, जो महंगे इलाज के कारण नियमित जांच नहीं करा पाते।
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शिविर में बड़ी संख्या में लोग अपनी आंखों की जांच कराने पहुंचे। डॉक्टरों ने आंखों से जुड़ी विभिन्न बीमारियों जैसे — आंखों में खुजली, तिरछापन, आशू आना (आंसू बहना), धब्बे जैसा दिखाई देना, मोतियाबिंद और काला मोतिया जैसी समस्याओं की जांच की।
इस दौरान डॉ. सुदर्शन मिश्रा ने मरीजों का परीक्षण किया और उन्हें उचित परामर्श दिया। उनके साथ कोऑर्डिनेटर संजीव धाकड़ और देवरी सेवा सदन सेंटर का पूरा स्टाफ भी मौजूद रहा, जिन्होंने सेवा भाव से मरीजों की सहायता की। Free Eye Camp Deori
70 से अधिक मरीजों ने कराई आंखों की जांच
श्री श्री मां नर्मदा सेवा समिति के सदस्य प्रशांत विश्वकर्मा ने जानकारी दी कि इस शिविर में आसपास के ग्रामीण इलाकों से करीब 70 मरीज पहुंचे थे। जांच के दौरान 31 लोगों की आंखों में मोतियाबिंद की पुष्टि हुई। इनमें से 22 मरीजों को सेवा सदन की बस के माध्यम से भोपाल भेजा गया, जहां उनका निःशुल्क ऑपरेशन किया जाएगा। Free Eye Camp Deori
उन्होंने बताया कि बाकी मरीजों को आवश्यक दवाएं और परामर्श दिया गया है। जो मरीज आगे के इलाज की आवश्यकता रखते हैं, उन्हें भोपाल में सेवा सदन चिकित्सालय में समय देकर बुलाया जाएगा। Free Eye Camp Deori
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सेवा समिति का निरंतर सामाजिक योगदान
समिति के अध्यक्ष दिलीप रघुवंशी ने बताया कि श्री श्री मां नर्मदा सेवा समिति द्वारा अब तक पचास हजार से अधिक लोगों का मोतियाबिंद ऑपरेशन कराया जा चुका है। समिति ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार ऐसे निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर रही है ताकि दूर-दराज के गरीब और जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से मिल सकें। Free Eye Camp Deori
उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य सिर्फ नेत्र रोगों का उपचार ही नहीं, बल्कि लोगों में आंखों की देखभाल और समय पर जांच की जागरूकता भी फैलाना है। Free Eye Camp Deori
समिति के सदस्यों का सराहनीय योगदान
इस आयोजन में समिति के अन्य सदस्य वीरेंद्र रघुवंशी, रामसहाय रघुवंशी, और कमलेश विश्वकर्मा ने भी पूरे मनोयोग से सहयोग दिया। सभी ने मरीजों की पंजीकरण प्रक्रिया, जांच व्यवस्था और दवा वितरण में सक्रिय भूमिका निभाई। Free Eye Camp Deori
ग्रामीणों ने समिति के इस कदम की सराहना की और कहा कि इस तरह के शिविर गांवों में नियमित रूप से लगने चाहिए ताकि जो लोग शहरों में जाकर इलाज नहीं करा पाते, उन्हें स्थानीय स्तर पर ही सुविधा मिल सके। Free Eye Camp Deori
लोगों में दिखा उत्साह और राहत
शिविर में जांच कराने पहुंचे मरीजों ने बताया कि उन्हें लंबे समय से आंखों से जुड़ी समस्याएं थीं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वे अस्पताल नहीं जा पा रहे थे। निःशुल्क शिविर लगने से उन्हें न केवल जांच की सुविधा मिली, बल्कि अब ऑपरेशन भी बिना किसी खर्च के होगा।
शिविर का माहौल पूरी तरह सेवा भाव से भरा रहा। डॉक्टरों और स्वयंसेवकों ने मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और समर्पण का परिचय दिया। Free Eye Camp Deori
आगे भी जारी रहेंगे ऐसे शिविर
अध्यक्ष दिलीप रघुवंशी ने बताया कि समिति आगे भी क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में इसी तरह के निःशुल्क नेत्र शिविर आयोजित करेगी। आने वाले महीनों में पास के गांवों में भी शिविर लगाने की योजना है ताकि अधिक से अधिक लोग इस सेवा का लाभ उठा सकें। Free Eye Camp Deori
उन्होंने कहा कि “हमारा प्रयास रहेगा कि कोई भी व्यक्ति आंखों की समस्या से पीड़ित होकर अंधकार में न रहे। हर व्यक्ति की आंखों में फिर से रोशनी लौटे — यही हमारी सच्ची सेवा है।”
देवरी में आयोजित यह निःशुल्क नेत्र शिविर न केवल स्वास्थ्य सेवा का उदाहरण बना, बल्कि यह साबित किया कि सामाजिक संगठनों के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं पहुँचाई जा सकती हैं। श्री श्री मां नर्मदा सेवा समिति और सेवा सदन नेत्र चिकित्सालय का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक पहल साबित हुआ है। Free Eye Camp Deori