पलवल (हरियाणा)। (Delhi to Vrindavan Yatra sanatan hindu ekta padyatra) बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में निकली ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’ सोमवार को अपने चौथे पड़ाव हरियाणा के पलवल जिला मुख्यालय पहुंची। दिल्ली से शुरू हुई यह यात्रा अब तक लाखों सनातन प्रेमियों के जोश और श्रद्धा की मिसाल बन चुकी है।
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महाराज श्री ने पलवल में कहा — “यही समय है… सही समय है… अब सभी सनातन प्रेमी एक हो जाएं। जो सोया है, वह जाग जाए, और जो जागा है, वह किसी और को जगाए। यह यात्रा केवल कदमों की नहीं, बल्कि चेतना की यात्रा है।”
यात्रा के इस पड़ाव पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मलूक पीठाधीश राजेंद्र दास महाराज, गोरेलाल कुंज श्रीधाम वृंदावन के महंत किशोरदास महाराज समेत कई प्रमुख संत, महंत और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बोले – बागेश्वर महाराज ने जगाई एकता की ज्योति
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यात्रा में हिस्सा लेते हुए कहा कि बागेश्वर महाराज पूरे देश को एक सूत्र में पिरोने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “सनातन धर्म की एकता ही भारत की असली ताकत है। आज लाखों लोग एक उद्देश्य से एकत्र हो रहे हैं, यह गर्व की बात है।” (Delhi to Vrindavan Yatra sanatan hindu ekta padyatra)
3 हजार साल पहले सिर्फ सनातन था, फिर वही राज लौटेगा – मलूक पीठाधीश
मलूक पीठाधीश्वर पूज्य राजेंद्र दास देवाचार्य महाराज ने कहा कि 3 हजार साल पहले सिर्फ सनातन धर्म था, और आने वाला समय फिर से सनातन का होगा। (Delhi to Vrindavan Yatra sanatan hindu ekta padyatra)
उन्होंने कहा — “हमारे धर्म के कमजोर होने का कारण हम खुद हैं। जब-जब हमने अपनी जड़ों को भुलाया, हमारा बल घटा। पर अब समय आ गया है, जब पूरी दुनिया फिर से सनातन के प्रकाश में नहाएगी। आज लोग शांति की तलाश में सनातन की ओर लौट रहे हैं।”
“धर्म को कभी पीठ मत दिखाना” – महंत किशोरदास महाराज का संदेश
वृंदावन के गोरेलाल कुंज के महंत पूज्य किशोरदास महाराज ने यात्रा में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि धर्म को कभी पीठ नहीं दिखानी चाहिए। (Delhi to Vrindavan Yatra sanatan hindu ekta padyatra)
उन्होंने कहा, “बागेश्वर महाराज भगवान की प्रेरणा से इस यात्रा का संचालन कर रहे हैं। यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि धर्मरक्षा का अभियान है। सभी सनातनी इस कार्य को भगवान की सेवा मानकर जुड़ें।”
“यह सनातन की सुनामी है” – दीपांकर महाराज
पिछले एक हजार दिनों से लगातार यात्रा कर रहे दीपांकर महाराज ने कहा, “यह यात्रा सिर्फ एक आंदोलन नहीं, बल्कि सनातन की सुनामी है। इसकी लहर हर हिंदू के भीतर उठनी चाहिए। जो टीवी पर यात्रा देख रहे हैं, वे भी बाहर आएं और इसका हिस्सा बनें।”
उन्होंने कहा कि यह दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। “नियति ने आप सबको इस युग परिवर्तन के लिए चुना है। अब यह संदेश सत्ता तक पहुंचना चाहिए।” (Delhi to Vrindavan Yatra sanatan hindu ekta padyatra)
“हर रोम भारत को समर्पित रहे” – सुदामा कुटी महाराज
वृंदावन के सुदामा कुटी महाराज ने यात्रा में कहा, “जो देश को भजता है, वही सच्चा सनातनी है। आज हम सभी घोषणा करें कि हमारा रोम-रोम भारत के लिए समर्पित रहेगा। यह यात्रा किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि संपूर्ण सनातनी समाज की है।”
उन्होंने आगे कहा कि “आकाश मंडल से देवता भी इस यात्रा को निहार रहे हैं। अब समय है कि हम सब अपने कर्म से देश और धर्म के प्रति निष्ठा दिखाएं।” (Delhi to Vrindavan Yatra sanatan hindu ekta padyatra)
“सोए हुए हिंदुओं को जगा रहे हैं बागेश्वर महाराज” – टी राजा
आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध राजनेता टी राजा, जिन्हें ‘टाइगर राजा’ के नाम से जाना जाता है, ने कहा कि “बागेश्वर महाराज सोए हुए हिंदुओं में चेतना जगा रहे हैं। यह कार्य आने वाली पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा।”
उन्होंने कहा, “आज सही समय है जब हर हिंदू को जागना होगा। जो एक बार इस यात्रा से जुड़ गया, वह खुद में परिवर्तन महसूस करेगा। यह सिर्फ धर्म यात्रा नहीं, राष्ट्र निर्माण की यात्रा है।” (Delhi to Vrindavan Yatra sanatan hindu ekta padyatra)
साध्वी प्राची, काजल हिंदुस्तानी और गायिका अंजलि भी बनीं हिस्सा
यात्रा के चौथे दिन साध्वी प्राची देवी, काजल हिंदुस्तानी और भजन गायिका अंजलि ने भी यात्रा में शामिल होकर माहौल को और ऊर्जावान बना दिया। (Delhi to Vrindavan Yatra sanatan hindu ekta padyatra)
साध्वी प्राची ने कहा, “एक युवा संत ने देश के 80 करोड़ हिंदुओं को एक करने की आवाज दी है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम उस आवाज को घर-घर तक पहुंचाएं।”
वहीं काजल हिंदुस्तानी ने कहा कि “आज का यह दृश्य भारत की आत्मा का प्रतीक है। यह आंदोलन हर उस व्यक्ति का है जो अपने धर्म और संस्कृति से प्रेम करता है।” (Delhi to Vrindavan Yatra sanatan hindu ekta padyatra)
सिख समाज को समर्पित रहा चौथे दिन का पड़ाव
चौथे दिन की यात्रा विशेष रूप से सिख समाज को समर्पित की गई। इस मौके पर सिखों के नवें गुरु, गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं जयंती मनाई गई।
पलवल के पृथला में सिख समाज के प्रतिनिधियों ने यात्रा में शामिल होकर बागेश्वर महाराज का स्वागत किया और उन्हें सिख परंपरा का प्रतीक साफा पहनाया।
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यात्रा के दौरान “सतनाम वाहेगुरु” के जयघोष गूंजते रहे। बागेश्वर महाराज ने सिख समाज को सम्मान देते हुए कहा, “गुरु तेग बहादुर जी ने धर्म की रक्षा के लिए बलिदान दिया था। वह भावना ही सनातन की नींव है।” (Delhi to Vrindavan Yatra sanatan hindu ekta padyatra)
लाखों श्रद्धालु बने यात्रा का हिस्सा
दिल्ली से शुरू हुई यह सनातन हिंदू एकता पदयात्रा हर पड़ाव पर जनसैलाब का रूप लेती जा रही है।
लोग “जय श्री राम, हर हर महादेव, जय सनातन धर्म” के नारे लगाते हुए महाराज श्री के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं।
हरियाणा की गलियों और सड़कों पर यात्रा के दौरान पुष्प वर्षा की गई। महिलाएं, बच्चे, वृद्ध – हर वर्ग के लोग इस यात्रा में जुड़ रहे हैं।
“अब सनातन का युग लौटेगा” – बागेश्वर महाराज का संकल्प
पलवल पहुंचकर महाराज श्री ने कहा, “हम किसी के विरोध में नहीं, बल्कि अपने धर्म की रक्षा के लिए निकले हैं। अब वह युग आएगा जब पूरी दुनिया फिर कहेगी — सनातन सर्वोपरि है।”
उन्होंने आगे कहा, “हमारे पूर्वजों ने जो धर्म हमें दिया, अब उसकी रक्षा का समय है। अब हर हिंदू को एकजुट होकर सनातन के इस संदेश को गांव-गांव, शहर-शहर तक पहुंचाना होगा।” (Delhi to Vrindavan Yatra sanatan hindu ekta padyatra)